Amarinder Singh Raja Warring News: छात्रों के आंदोलन से डरी केंद्र सरकार? राजा वडिंग ने कंगना का वीडियो शेयर कर हुकूमत को बताया ‘मुज़रिम’

दिल्ली में हुए संसद मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। इस प्रदर्शन पर भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कहा कि संसद के अंदर सभी लोग डर गए थे। कंगना के इस बयान पर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वडिंग ने पलटवार करते हुए सरकार को घेरा है।

Amarinder Singh Raja Warring News

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जुलाई 22, 2026

Amarinder Singh Raja Warring News: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के हालिया संसद चलो मार्च को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा सांसद कंगना रनौत द्वारा संसद भवन के भीतर डर का माहौल होने और प्रदर्शनकारियों द्वारा हमले की आशंका जताने वाले बयान पर विपक्ष ने तीखा पलटवार किया है। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए सवाल दागा कि जो हुकूमत देश के नौजवानों और विद्यार्थियों से भयभीत हो जाए, वह राष्ट्र का संचालन कैसे करेगी? सोमवार को हुए इस उग्र प्रदर्शन के बाद पक्ष-विपक्ष में जुबानी तीर चल रहे हैं और राजधानी का राजनीतिक तापमान बढ़ गया है।

राजा वडिंग ने सोशल मीडिया पर साधा निशाना

बताते चले कि, पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक बेहद तल्ख पोस्ट साझा करते हुए सत्तारूढ़ दल को घेरा। उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों की वकालत करते हुए लिखा, “सवाल पूछना जुर्म बन जाए, तो समझ लो हुकूमत मुजरिम है। डर सवालों से नहीं, बल्कि जनता के सामने बेनकाब होने से लगता है। जो सरकार छात्रों से डरे, वो देश कैसे चलाएगी?” अपनी इस पोस्ट के साथ राजा वडिंग ने मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत का वह वीडियो फुटेज भी अटैच किया, जिसमें वे सीजेपी (CJP) के इस उग्र विरोध प्रदर्शन के दौरान घबराहट और असुरक्षा की बात स्वीकार कर रही हैं।

कंगना रनौत ने बयां किया आंखों देखा खौफनाक मंजर

आपको बता दे कि, इससे पहले हिमाचल प्रदेश के मंडी से नवनिर्वाचित भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने आंदोलनकारियों के संसद मार्च के दौरान पैदा हुई अराजक स्थिति पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा, “संसद भवन के अंदर हम सभी लोग बेहद डरे हुए थे। अंदर का माहौल ऐसा था कि हर कोई घबरा गया था और हम सुरक्षा कारणों से कहीं भी आ-जा (मूव) नहीं पा रहे थे। बाहर उग्र भीड़ जिस तरह से आगे बढ़कर हमला करती हुई दिख रही थी, उसे देखकर एक वक्त तो ऐसा लगा कि शायद वे संसद के भीतर घुसकर हम पर सीधे हमला न कर दें।” कंगना ने विपरीत परिस्थितियों में सुरक्षा कवच बनने के लिए दिल्ली पुलिस की भूरि-भूरि प्रशंसा की और कहा कि पुलिसकर्मियों ने खुद पथराव झेलकर और चोटें खाकर सांसदों की रक्षा की।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प

वहीं, सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी के ‘पार्लियामेंट मार्च’ के दौरान राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सड़कों पर सुरक्षा बलों और आंदोलनकारियों के बीच अभूतपूर्व टकराव देखने को मिला था। संसद की तरफ बढ़ रही उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन को भारी मशक्कत करनी पड़ी, जिससे पूरी लुटियंस दिल्ली में तनावपूर्ण माहौल व्याप्त हो गया। बैरिकेड्स लांघने का प्रयास कर रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए तैनात सुरक्षा बलों ने बल प्रयोग किया, जिसके तहत कई संवेदनशील चौराहों पर पुलिस लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे जाने की घटनाएं हुईं। इस हिंसक झड़प में कई आंदोलनकारी गंभीर रूप से जख्मी हो गए, जबकि मुस्तैद सुरक्षाकर्मियों और पुलिस के जवानों के भी घायल होने की आधिकारिक खबरें सामने आई हैं।

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मिला प्रतिनिधिमंडल

सड़कों पर मचे इस भारी बवाल और सुरक्षा एजेंसियों के साथ हुई हिंसक झड़पों के बीच शांति स्थापना और गतिरोध को सुलझाने के प्रयास भी शुरू किए गए। आंदोलन कर रहे संगठन और दल के एक शीर्ष प्रतिनिधिमंडल (Delegation) ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के आधिकारिक आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान प्रदर्शनकारियों के नेताओं ने अपनी मांगों और शिकायतों का एक विस्तृत पत्र केंद्रीय मंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया। जेपी नड्डा ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना, जिसके बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार प्रदर्शनकारियों के इन मुद्दों पर क्या रुख अपनाती है और इस सियासी रार का क्या हल निकलता है।