Kangana Ranaut News: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास और हिमाचल प्रदेश के मंडी से बीजेपी सांसद कंगना रनौत के बीच बयानबाजी का सिलसिला जारी है। हाल ही में कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सौरव दास की उम्र और उनके खुद को छात्र बताने वाले दावे पर सवाल उठाए थे। अब सौरव दास ने कंगना के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पलटवार किया है।
सौरव दास ने कंगना के दावे पर कसा तंज
सौरव दास ने कंगना रनौत के बयान का जवाब देते हुए कहा कि उनकी उम्र को लेकर गलत जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा कि वह 28 साल के नहीं बल्कि 27 वर्ष के हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी कॉलेज के सक्रिय छात्र नहीं हैं, बल्कि एक पत्रकार हैं। दास ने कहा कि उन्होंने कभी यह दावा नहीं किया कि वह नियमित छात्र हैं। उन्होंने कहा कि सीखने की प्रक्रिया जीवनभर चलती रहती है और इसी अर्थ में हर व्यक्ति को “जिंदगी का छात्र” बने रहना चाहिए।
बोले- हर व्यक्ति को जीवन से सीखते रहना चाहिए
कंगना रनौत पर निशाना साधते हुए सौरव दास ने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ सीखने की इच्छा खत्म नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन में लगातार सीखने वाला व्यक्ति ही आगे बढ़ता है और उसमें समझ विकसित होती है। उन्होंने कहा कि कंगना रनौत को भी जीवन के अनुभवों से सीखते रहने की जरूरत है। उनके अनुसार, व्यक्ति की वास्तविक समझ केवल उम्र से नहीं बल्कि सीखने की क्षमता से आती है।
जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर शुरू हुई थी बहस
कंगना रनौत और सौरव दास के बीच विवाद की शुरुआत जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन को लेकर हुई थी। प्रदर्शन में शामिल छात्रों पर टिप्पणी करते हुए कंगना ने कथित तौर पर तीखी भाषा का इस्तेमाल किया था। इसके बाद सौरव दास ने कंगना के बयान की आलोचना करते हुए कहा था कि उनकी अपनी पार्टी भी उन्हें गंभीरता से नहीं लेती। उन्होंने जनता से भी उनके बयानों को नजरअंदाज करने की अपील की थी।
कंगना ने किया था पलटवार
सौरव दास के बयान के बाद कंगना रनौत ने सोशल मीडिया के जरिए जवाब दिया था। उन्होंने सौरव दास को लेकर कई टिप्पणियां कीं और उनकी उम्र, करियर तथा छात्र होने के दावे पर सवाल उठाए। कंगना ने कहा था कि उनकी उम्र में उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल की थीं। उन्होंने सौरव दास को लेकर यह भी टिप्पणी की थी कि उन्हें खुद को छात्र बताने से पहले अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
FIR मामले पर दिल्ली सरकार से की मांग
इस बीच, सौरव दास ने दिल्ली सरकार के उस फैसले का स्वागत किया है, जिसमें 36 दिनों तक चले छात्र आंदोलन से जुड़े मामलों में दर्ज एफआईआर पर आगे कार्रवाई नहीं करने की बात कही गई है। हालांकि, CJP ने मांग की है कि इन मामलों को केवल बंद नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि उन्हें पूरी तरह वापस लिया जाना चाहिए। दास ने कहा कि “केस बंद” करने और “केस वापस लेने” में अंतर है।
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छात्रों के आंदोलन को लेकर दी चेतावनी
सौरव दास ने कहा कि यदि 25 जुलाई को हुए समझौते के तहत दिए गए आश्वासनों को लागू करने में किसी भी तरह की ढिलाई बरती गई, तो छात्र दोबारा आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों से जुड़े मामलों का स्थायी समाधान जरूरी है और सरकार को इस दिशा में स्पष्ट कदम उठाने चाहिए।










