JSSC CGL Paper Leak: JSSC CGL पेपर लीक का पर्दाफाश, परीक्षा से पहले रटाए गए 135 सवाल

सीआईडी जांच में JSSC CGL परीक्षा में कथित धांधली का बड़ा खुलासा हुआ है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, 28 अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले नेपाल ले जाकर 135 सवालों के जवाब रटवाए गए।

JSSC CGL Paper Leak

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अगस्त 12, 2026

JSSC CGL Paper Leak: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की बहुचर्चित CGL परीक्षा में धांधली और पेपर लीक को लेकर नए और चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। अपराध अनुसंधान विभाग (CID) की जांच से जुड़े गोपनीय दस्तावेज सामने आने के बाद इस पूरे फर्जीवाड़े की परतें उधड़ने लगी हैं। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, परीक्षा से ठीक दो दिन पहले 28 अभ्यर्थियों को दूसरे शहर और देश से बाहर ले जाकर परीक्षा में आने वाले सवालों के जवाब रटवाए गए थे। इस पूरे मामले ने परीक्षा की निष्पक्षता और पारदार्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके चलते छात्र लगातार परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।

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नेपाल के विराटनगर में होटल में ठहराए गए थे छात्र

जांच रिपोर्ट के अनुसार, JSSC CGL की यह परीक्षा 22 सितंबर 2024 को आयोजित होनी थी। परीक्षा से ठीक दो दिन पहले, यानी 20 सितंबर को, कुल 28 अभ्यर्थियों को सुनियोजित तरीके से पटना बुलाया गया था। आरोप है कि इन सभी अभ्यर्थियों को पटना से नेपाल के विराटनगर ले जाया गया और वहां एक गुप्त होटल में ठहराया गया।

इस पूरे रैकेट का संचालन करने में राम प्रवेश यादव और उनके साले रघुवीर यादव की मुख्य भूमिका बताई जा रही है। इसके अलावा, पटना में कौशलेंद्र उर्फ राहुल के माध्यम से इन अभ्यर्थियों को नेपाल भेजने की बात भी CID की जांच में खुलकर सामने आई है।

135 सवालों के जवाब रटवाने का दावा और 10 अभ्यर्थियों की सफलता

CID की जांच दस्तावेजों के मुताबिक, संदीप त्रिपाठी नामक एक व्यक्ति CGL परीक्षा के संभावित प्रश्न और उत्तर लेकर विराटनगर के उसी होटल में पहुंचा था। वहां मौजूद सभी 28 अभ्यर्थियों को कुल 135 प्रश्नों के सटीक उत्तर रटवाए गए थे। हैरानी की बात यह है कि परीक्षा के बाद जब परिणाम आए, तो नेपाल ले जाए गए उन 28 में से 10 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में सफलता हासिल कर ली।

सफल होने वाले इन 10 अभ्यर्थियों में अरविंद कुमार, अमन कुमार सिंह, विभूति अमन, दिवाकर कुमार देव, उपेन्द्र यादव, कृष्णा स्नेही, दयानंद यादव, नवीन कुमार यादव, उमेश कुमार और विकास कुमार के नाम शामिल हैं। परिणाम आने के बाद जांचकर्ताओं ने कुंदन, रामनिवास और कौशलेंद्र से बातचीत कर इन सफल छात्रों के नामों का मिलान भी किया।

पैसों की वसूली, धमकी और CID की ताबड़तोड़ कार्रवाई

जांच में यह बात भी सामने आई है कि इस सेटिंग के एवज में अभ्यर्थियों से भारी मात्रा में पैसों की मांग की गई थी। अब तक उपलब्ध कराए गए बैंक खातों में करीब 8 लाख रुपये जमा होने के प्रमाण मिले हैं। गोरखपुर के रहने वाले संदीप त्रिपाठी पर छात्रों से लगातार पैसे वसूलने के लिए दबाव बनाने और पैसे न मिलने पर उन्हें धमकाने के आरोप भी दर्ज हैं। छात्रों से उनके मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र और कुछ मामलों में खाली चेक भी गिरवी के रूप में रखवाए गए थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए CID ने 1 जनवरी 2025 से इस केस की औपचारिक जांच शुरू की थी। जांच के दायरे में कई संदिग्धों से पूछताछ की गई और 9 जून 2025 को पूरक कांड दैनिकी भी समर्पित की जा चुकी है। इस सिलसिले में आरोपी अनिश कुमार और विनय साह के ठिकानों पर छापेमारी कर उनकी गिरफ्तारी भी की गई है। अनिश कुमार के पश्चिम बंगाल से जुड़े कनेक्शन की भी पुलिस ने गहराई से छानबीन की है।

छात्रों का आक्रोश और परीक्षा रद्द करने की मांग

इन सनसनीखेज खुलासों के सामने आने के बाद JSSC CGL के अभ्यर्थियों का गुस्सा और अधिक भड़क गया है। छात्र लगातार सड़कों पर उतरकर परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने और इस घोटाले में शामिल सभी बड़े चेहरों को बेनकाब कर सख्त सजा देने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल CID के इन दस्तावेजों ने परीक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।

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