JPSC Student Protest: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन रविवार को 16वें दिन भी जारी है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में बड़ी संख्या में छात्र अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। इसी बीच सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बातचीत का छठा दौर चल रहा है। सरकार की ओर से छात्रों की कुछ मांगों पर सहमति बनने की बात सामने आई है, लेकिन छात्र नेताओं का कहना है कि जब तक सरकार लिखित में आश्वासन नहीं देती, तब तक आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा।
सरकार और छात्रों के बीच छठे दौर की बातचीत
रविवार को सरकार की ओर से गठित उच्चस्तरीय समिति ने आंदोलनकारी छात्रों से वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत की। बताया जा रहा है कि सरकार ने छात्रों की कई मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया है। हालांकि, कुछ अहम मुद्दों पर अभी भी सहमति नहीं बनी है। छात्रों का कहना है कि मौखिक आश्वासन के आधार पर आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा और सरकार को अपनी सहमति लिखित रूप में देनी होगी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिया न्याय का भरोसा
इस बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों को न्याय दिलाने का भरोसा दिया है। आदिवासी महोत्सव में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि युवा उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और सरकार उनकी बात गंभीरता से सुन रही है। उन्होंने कहा कि बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान किया जा सकता है, लाठी-डंडे के जरिए नहीं। मुख्यमंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया कि भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गड़बड़ी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
सीएम सोरेन ने कहा कि युवाओं ने अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की हिम्मत दिखाई है। सरकार ने भी कथित अनियमितताओं को सामने लाने का काम किया है। उन्होंने छात्रों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि उन्हें न्याय मिलेगा और जिन लोगों ने परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी की है, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों को उनका अधिकार और न्याय दिलाना सरकार की जिम्मेदारी है।
25 जुलाई से रांची में चल रहा है प्रदर्शन
छात्रों का यह आंदोलन 25 जुलाई से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जारी है। आंदोलनकारी JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार समेत कई मांगें उठा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के साथ अन्याय न हो।
देवेंद्र नाथ महतो की भूख हड़ताल जारी
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो 2 अगस्त से भूख हड़ताल पर हैं। सरकार की ओर से बातचीत के दौरान मंत्रियों ने उनसे भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील भी की। हालांकि, महतो ने स्पष्ट किया कि केवल बातचीत या मौखिक आश्वासन से आंदोलन खत्म नहीं होगा। उनका कहना है कि सरकार जब तक मांगों को स्वीकार करने का लिखित आश्वासन नहीं देती, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी।
चार मंत्रियों की समिति ने छात्रों से की बात
सरकार की ओर से गठित उच्चस्तरीय समिति में चार मंत्री शामिल हैं। इनमें सुदीप कुमार सोनी, दीपिका सिंह पांडेय, चमरा लिंडा और संजय सिंह यादव शामिल हैं। समिति ने रविवार को वीडियो कॉल के जरिए आंदोलनकारी छात्रों से बातचीत की और उनसे भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील की। सरकार की कोशिश है कि बातचीत के जरिए गतिरोध समाप्त किया जाए।
10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान
छात्रों ने अपनी मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। आंदोलनकारी लगातार सरकार से लिखित आश्वासन की मांग कर रहे हैं। ऐसे में रविवार की बातचीत को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि सरकार और छात्रों के बीच अंतिम सहमति बनती है तो आंदोलन समाप्त होने की संभावना है, लेकिन मांगों पर स्पष्ट लिखित फैसला नहीं होने की स्थिति में प्रदर्शन और तेज हो सकता है।
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