Student Protest: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा छात्र आंदोलन गुरुवार को 13वें दिन भी जारी रहा। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना दे रहे आंदोलनकारी छात्रों ने अब राज्य सरकार के साथ प्रस्तावित वार्ता की तैयारी तेज कर दी है। छात्र संगठनों ने सरकार के साथ होने वाली बैठक के लिए अपना आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल घोषित कर दिया है। यह प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री आवास में आयोजित बैठक के दौरान भर्ती परीक्षाओं से जुड़े सभी प्रमुख मुद्दों, मांगों और समस्याओं को सरकार के सामने रखेगा।
JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने स्पष्ट किया है कि वार्ता में आंदोलन से जुड़े तथ्यों और मांगों को केवल छात्र प्रतिनिधि ही प्रस्तुत करेंगे। मंच का कहना है कि बैठक का उद्देश्य केवल आंदोलन खत्म करना नहीं, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में सुधार और अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा करना है।
JPSC-JSSC भर्ती अनियमितता के खिलाफ छात्रों की आवाज
बताते चले कि, JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच द्वारा जारी सूची के अनुसार छात्र प्रतिनिधिमंडल में रविंद्र पासवान, पीयूष कुमार सिंह, रविंद्र कुमार रवि, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, कार्तिक सोरेन, संदीप कुमार और शालू सिंह को शामिल किया गया है। ये सभी प्रतिनिधि आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की ओर से सरकार के सामने भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और अन्य महत्वपूर्ण मांगों को विस्तार से रखेंगे।
छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की मांग को लेकर है। अभ्यर्थी चाहते हैं कि भविष्य में होने वाली परीक्षाओं में किसी भी तरह की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।
JPSC-JSSC छात्र आंदोलन वार्ता में पत्रकार और कानूनविद देंगे मार्गदर्शन
सरकार के साथ होने वाली बैठक में छात्र प्रतिनिधियों के अलावा कुछ वरिष्ठ पत्रकार और कानून विशेषज्ञ भी मौजूद रहेंगे। हालांकि मंच ने स्पष्ट किया है कि पत्रकार और कानूनविद केवल अभिभावक एवं मार्गदर्शक की भूमिका निभाएंगे। प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ पत्रकार शंभूनाथ चौधरी और विकास वर्मा को शामिल किया गया है। वहीं वरिष्ठ कानूनविद अजीत कुमार भी बैठक में मौजूद रहेंगे। वे वार्ता के दौरान कानूनी पहलुओं पर छात्रों को आवश्यक सलाह और मार्गदर्शन देंगे। मंच का कहना है कि छात्र अपनी मांगों और समस्याओं को सीधे सरकार के सामने रखने में सक्षम हैं, जबकि विशेषज्ञों की भूमिका केवल प्रक्रिया को बेहतर दिशा देने तक सीमित रहेगी।
JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच की मांग, भर्ती प्रक्रिया में हो पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच
JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने कहा कि इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य आंदोलन को समाप्त करना नहीं, बल्कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विवादों का स्थायी समाधान निकालना है। मंच ने सरकार से मांग की है कि कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। छात्र संगठनों ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनेगी और अभ्यर्थियों के हित में सकारात्मक निर्णय लेगी। उनका कहना है कि पारदर्शी भर्ती व्यवस्था युवाओं के भविष्य के लिए बेहद जरूरी है।
रांची छात्र आंदोलन पर सबकी नजर
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले 13 दिनों से चल रहा छात्र आंदोलन अब निर्णायक दौर में पहुंच गया है। सरकार की ओर से वार्ता की पहल के बाद मुख्यमंत्री आवास में होने वाली बैठक पर सभी की नजरें टिक गई हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक में सरकार और छात्रों के बीच होने वाली बातचीत आंदोलन की अगली दिशा तय कर सकती है। अगर छात्रों की मांगों पर सहमति बनती है तो आंदोलन खत्म होने की संभावना है, वहीं समाधान नहीं निकलने पर छात्र आगे की रणनीति तय कर सकते हैं।










