जोरहाट एयरबेस हादसा: AN-32 विमान दुर्घटना में भोजपुर के अग्निवीर दानिश आलम शहीद

 कोईलवर (आरा)  असम के जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन पर शनिवार को भारतीय वायु सेना का एएन-32 ट्रांसपोर्ट विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में भोजपुर जिले के कोईलवर प्रखंड अंतर्गत कायमनगर गांव निवासी अग्निवीरवायु दानिश आलम वीरगति को प्राप्त हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही गांव और परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। बताया जा रहा है कि दुर्घटना में वायु सेना के दो अधिकारियों और दो अग्निवीरवायु समेत कुल पांच जवानों की मौत हुई है। 22 वर्षीय दानिश आलम, मोहम्मद फारूक आलम और अख्तरी बेगम के इकलौते पुत्र थे। उनके पिता गीधा औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक निजी

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Published On :

जून 13, 2026

 कोईलवर (आरा)
 असम के जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन पर शनिवार को भारतीय वायु सेना का एएन-32 ट्रांसपोर्ट विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

इस हादसे में भोजपुर जिले के कोईलवर प्रखंड अंतर्गत कायमनगर गांव निवासी अग्निवीरवायु दानिश आलम वीरगति को प्राप्त हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही गांव और परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।

बताया जा रहा है कि दुर्घटना में वायु सेना के दो अधिकारियों और दो अग्निवीरवायु समेत कुल पांच जवानों की मौत हुई है।

22 वर्षीय दानिश आलम, मोहम्मद फारूक आलम और अख्तरी बेगम के इकलौते पुत्र थे। उनके पिता गीधा औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं।

बचपन से ही देश सेवा का था सपना
परिवार में दो बड़ी बहनें शगुफ्ता परवीन और गजाला परवीन हैं, जिनमें एक की शादी हो चुकी है। स्वजनों ने बताया कि दानिश का बचपन से ही सैनिक बनकर देश सेवा करने का सपना था।

अग्निवीरवायु में चयन के बाद उन्होंने 29 जून 2025 को बिहटा एयर फोर्स स्टेशन में योगदान दिया था। इसके बाद तीन जुलाई को प्रशिक्षण के लिए बेलगांव (कर्नाटक) भेजे गए थे। पिछले वर्ष अक्टूबर से वे जोरहाट में तैनात थे।

परिवार के अनुसार, दानिश 23 मई को छुट्टी लेकर घर आए थे और 30 मई को वापस ड्यूटी पर लौट गए थे। अब उनके शहीद होने की खबर से पूरा परिवार सदमे में है।

30 मई को ही ड्यूटी पर लौटे थे दानिश
भारतीय वायु सेना की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, हादसे में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा और अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत भी वीरगति को प्राप्त हुए हैं।

दानिश की शहादत की खबर मिलते ही कायमनगर गांव में मातम पसरा हुआ है। गांव के लोग और रिश्तेदार लगातार उनके घर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं।