Jitan Ram Manjhi News: केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस और विपक्षी दलों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं को सशक्त बनाने वाले इस ऐतिहासिक कदम को विपक्ष ने अपने ‘राजनीतिक स्वार्थ’ की भेंट चढ़ा दिया। उन्होंने दावा किया कि आगामी समय में देश की नारी शक्ति इस अपमान का करारा जवाब देगी।
कांग्रेस पर बोला हमला
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने स्पष्ट रूप से कहा कि महिला आरक्षण का क्रियान्वयन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक अटूट संकल्प है। उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विपक्षी दल के मन में ‘गंदगी’ भरी हुई है, जिसके कारण उन्होंने संसद में स्पष्टता के बावजूद इस बिल का विरोध किया। मांझी के अनुसार, अमित शाह ने सदन में हर तकनीकी पहलू को स्पष्ट कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद विपक्ष ने महिलाओं के राजनीतिक अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता नहीं दिखाई। उन्होंने इसे देश की आधी आबादी का अपमान करार दिया।
क्षेत्रीय पुनर्गठन और सीमा निर्धारण की पर अपनी बात रखी
पटना में मीडिया से मुखातिब होते हुए जीतन राम मांझी ने क्षेत्रीय पुनर्गठन और सीमा निर्धारण (Delimitation) की प्रक्रिया पर अपनी बात रखी। उन्होंने समझाया कि महिला आरक्षण बिल 2023 में पारित तो हो गया था, लेकिन बिना परिसीमन की प्रक्रिया को पूरा किए महिलाओं की सटीक भागीदारी तय करना संभव नहीं था। मांझी ने तर्क दिया कि सीटों के नए सिरे से निर्धारण के बिना यह सुनिश्चित नहीं किया जा सकता कि कौन सी सीटें आरक्षित होंगी। उन्होंने विपक्षी दलों पर इस तकनीकी आवश्यकता को मुद्दा बनाकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
उत्तर बनाम दक्षिण भारत
जीतन राम मांझी ने दक्षिण भारतीय राज्यों में फैलाई जा रही सीटों के असमान वितरण की खबरों का कड़ा खंडन किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष यह गलत प्रचार कर रहा है कि परिसीमन से उत्तर भारत को लाभ होगा और दक्षिण का दर्जा गिरेगा। मांझी ने स्पष्ट किया कि जब सीटों की कुल संख्या बढ़ेगी, तो कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में भी प्रतिनिधित्व बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि सीटों की संख्या में वृद्धि प्रतिशत के आधार पर होगी, जिससे किसी भी राज्य को राजनीतिक नुकसान नहीं होगा।
संसद में दो-तिहाई बहुमत का अभाव और विपक्षी ‘जश्न’ पर प्रहार
उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि विपक्ष की नकारात्मक कार्यशैली के कारण बिल को संसद में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल सका। उन्होंने कहा कि जहां इस बिल का गिरना लोकतंत्र के लिए दुखद होना चाहिए था, वहीं विपक्ष इसका जश्न मना रहा है, जो उनके लिए शर्म की बात है। मांझी ने इसे महिला सशक्तिकरण की राह में रोड़ा अटकाने वाली राजनीति बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि विपक्ष का यह ‘राजनीतिक स्वार्थ’ देश की जनता के सामने पूरी तरह उजागर हो चुका है।
‘जागरूक नारी शक्ति ही विपक्ष के इस अवरोध को तोड़ेगी’
भविष्य की योजना साझा करते हुए जीतन राम मांझी ने कहा कि वे इस मुद्दे को ‘गांव-गांव और घर-घर’ तक ले जाएंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि देश की महिलाएं जागरूक हो गईं, तो अगली बार सरकार को सदन में पूर्ण बहुमत और दो-तिहाई समर्थन प्राप्त होगा। मांझी ने विश्वास व्यक्त किया कि अंततः महिला आरक्षण बिल पास होगा और भारत की राजनीति में महिलाओं को वह सार्थक भूमिका मिलेगी, जिसका सपना प्रधानमंत्री मोदी ने देखा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जागरूक नारी शक्ति ही विपक्ष के इस अवरोध को तोड़ेगी।









