Jharkhand Exam Cancelled: झारखंड सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पारदर्शिता को लेकर उठे सवालों के बीच बड़ा निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने 18 अगस्त की रात कई अधिसूचनाएं जारी कर कुल 44 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की। यह फैसला लंबे समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों और अभ्यर्थियों की मांगों के बीच लिया गया है। सरकार का कहना है कि इन परीक्षाओं में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद व्यापक समीक्षा के आधार पर यह कदम उठाया गया।
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कई महत्वपूर्ण पदों की भर्ती परीक्षाएं हुईं रद्द
सरकार द्वारा जारी सूची में अनेक प्रतिष्ठित और महत्वपूर्ण सरकारी पदों की भर्ती परीक्षाएं शामिल हैं। इनमें औषधि निरीक्षक, सहायक प्राध्यापक, डिप्टी कलेक्टर, दंत चिकित्सक, सहायक अभियंता, सिविल जज, अतिरिक्त लोक अभियोजक और वन क्षेत्राधिकारी जैसे पदों के लिए आयोजित परीक्षाएं शामिल हैं।
इसके अलावा तकनीकी और प्रशासनिक क्षेत्रों से जुड़ी कई अन्य भर्तियां भी प्रभावित हुई हैं। सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों में प्रवक्ता नियुक्ति, वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी, सहायक वन संरक्षक और विभिन्न विभागों के तकनीकी एवं प्रशासनिक पदों की परीक्षाएं भी निरस्त कर दी गई हैं। इस फैसले से हजारों अभ्यर्थियों पर सीधा असर पड़ेगा, जो लंबे समय से इन भर्तियों के परिणामों या नियुक्ति प्रक्रिया का इंतजार कर रहे थे।
JPSC और JSSC से जुड़ी परीक्षाएं भी दायरे में
राज्य सरकार के अनुसार, रद्द की गई परीक्षाओं में वे परीक्षाएं भी शामिल हैं जिनका आयोजन झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और कुछ मामलों में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) से जुड़ी प्रक्रियाओं के माध्यम से किया गया था। साथ ही आउटसोर्स एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) द्वारा आयोजित परीक्षाओं और उनके परिणामों को भी अमान्य घोषित कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि भर्ती प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह कदम आवश्यक था। इसी उद्देश्य से परीक्षा प्रणाली की व्यापक समीक्षा की जा रही है।
त्वरित न्याय के लिए विशेष अदालतों की तैयारी
राज्य सरकार ने भर्ती घोटालों और अनियमितताओं से जुड़े मामलों की जल्द सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए विशेष पहल करने का निर्णय लिया है। सरकार हाई कोर्ट से अनुरोध करेगी कि इन मामलों की सुनवाई के लिए त्वरित अदालतों (फास्ट ट्रैक कोर्ट) का गठन किया जाए। इससे लंबित मामलों का तेजी से निपटारा हो सकेगा और दोषियों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई संभव होगी।
आयोगों में बनेगा सतर्कता तंत्र
भर्ती प्रक्रिया में भविष्य में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो, इसके लिए सरकार आयोगों के भीतर एक आंतरिक सतर्कता प्रकोष्ठ स्थापित करने की योजना बना रही है। यह इकाई भर्ती प्रक्रिया की निगरानी करेगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या शिकायत की जांच करेगी। इससे चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सुधारों के लिए गठित हुई उच्चस्तरीय समिति
राज्य सरकार ने भर्ती प्रणाली में सुधार के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक विशेष समिति का गठन किया है। इस समिति को जेपीएससी और जेएसएससी की कार्यप्रणाली का अध्ययन कर आवश्यक सुधारों की सिफारिश करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार ने समिति को दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
सीजीएल परीक्षा रद्द करने की मांग भी हुई पूरी
सरकार ने हाल ही में आयोजित मंत्रिमंडल बैठक के बाद जेएसएससी संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा को भी रद्द करने की घोषणा की थी। यह छात्रों के आंदोलन की प्रमुख मांगों में शामिल थी। इसके साथ ही टीडीपीएल एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं और जारी किए गए परिणामों को भी निरस्त कर दिया गया। सरकार का कहना है कि उसका उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया में युवाओं का विश्वास बहाल करना और पूरी व्यवस्था को पारदर्शी बनाना है। आने वाले समय में नई परीक्षा प्रक्रिया और सुधारात्मक कदमों को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
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