China Earthquake: चीन के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में स्थित किंघई प्रांत में बुधवार सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। स्थानीय समय के अनुसार यह भूकंप सुबह 5 बजकर 36 मिनट पर आया। चाइना अर्थक्वेक नेटवर्क्स सेंटर (CENC) ने बताया कि भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.6 दर्ज की गई। झटकों के बाद आसपास के इलाकों में लोगों के बीच कुछ समय के लिए चिंता और सतर्कता का माहौल बन गया।
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हाइक्सी क्षेत्र के पास रहा भूकंप का केंद्र
मौसम और भूकंपीय गतिविधियों पर नजर रखने वाली एजेंसी के अनुसार, भूकंप का केंद्र किंघई प्रांत के हाइक्सी मंगोल और तिब्बती स्वायत्त प्रीफेक्चर में स्थित था। इसका केंद्र जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर पाया गया। भूकंप का केंद्र 37.81 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 95.63 डिग्री पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि कम गहराई वाले भूकंप आमतौर पर अधिक स्पष्ट रूप से महसूस किए जाते हैं, क्योंकि उनकी ऊर्जा धरती की सतह तक तेजी से पहुंचती है। हालांकि शुरुआती रिपोर्टों में किसी बड़े नुकसान या जनहानि की जानकारी सामने नहीं आई है।
प्रशासन की स्थिति पर नजर
भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां स्थिति की लगातार निगरानी कर रही हैं। प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी संभावित नुकसान का आकलन किया जा रहा है। राहत और बचाव दलों को भी सतर्क रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। फिलहाल किसी बड़े नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है चीन
चीन उन देशों में शामिल है जहां भूकंपीय गतिविधियां अक्सर दर्ज की जाती हैं। देश के कई हिस्से ऐसे हैं जो भूगर्भीय दृष्टि से अत्यंत सक्रिय माने जाते हैं। विशेष रूप से तिब्बत, सिचुआन, युन्नान, शिनजियांग और किंघई जैसे क्षेत्र भूकंप के प्रति अधिक संवेदनशील हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इन इलाकों में कई सक्रिय भू-भ्रंश (फॉल्ट लाइनें) मौजूद हैं, जिनके कारण समय-समय पर छोटे और बड़े भूकंप आते रहते हैं। यही वजह है कि चीन को दुनिया के सबसे अधिक भूकंप प्रभावित देशों में गिना जाता है।
चीन के इतिहास में दर्ज बड़े भूकंप
चीन ने पिछले कुछ दशकों में कई विनाशकारी भूकंपों का सामना किया है। मई 2008 में सिचुआन प्रांत में आए 7.9 तीव्रता के भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी। इस आपदा में करीब 87 हजार लोग मारे गए या लापता हो गए थे। लाखों लोग प्रभावित हुए और बड़ी संख्या में इमारतें, सड़कें तथा अन्य बुनियादी ढांचे नष्ट हो गए थे। इसके बाद अप्रैल 2010 में किंघई के युशु क्षेत्र में 7.1 तीव्रता का भूकंप आया था। इस हादसे में 2,600 से अधिक लोगों की जान चली गई और हजारों लोग घायल हुए थे। वहीं दिसंबर 2023 में गांसू और किंघई की सीमा पर आए 6.2 तीव्रता के भूकंप ने भी भारी नुकसान पहुंचाया था, जिसमें 140 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।
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आखिर चीन में बार-बार क्यों आते हैं भूकंप?
भूवैज्ञानिकों के अनुसार चीन के पश्चिमी हिस्से में भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट के बीच लगातार टकराव होता रहता है। करोड़ों वर्षों से जारी इस भूगर्भीय प्रक्रिया ने हिमालय और तिब्बती पठार का निर्माण किया है। प्लेटों की इस निरंतर हलचल से धरती के भीतर दबाव बनता रहता है। जब यह दबाव किसी सक्रिय फॉल्ट लाइन पर अचानक मुक्त होता है, तब भूकंप उत्पन्न होता है। इसी कारण चीन के पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में नियमित रूप से भूकंपीय गतिविधियां देखने को मिलती हैं। अधिकांश भूकंप हल्के होते हैं, लेकिन कभी-कभी ये बड़े और विनाशकारी रूप भी ले लेते हैं, जिससे व्यापक नुकसान हो सकता है।










