Jharkhand Bandh: लाठीचार्ज के विरोध में आज बंद रहेगा झारखंड, BJP ने बनाया आंदोलन का बड़ा प्लान

झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में राज्यव्यापी बंद है। बीजेपी ने आंदोलन को लेकर बड़ा प्लान तैयार किया है। JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के बाद सियासत तेज है। अब बंद के असर और बीजेपी की रणनीति पर सबकी नजरें टिकी हैं।

Jharkhand Bandh

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 11, 2026

Jharkhand Bandh:  झारखंड विधानसभा के पास सोमवार को भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच जमकर झड़प हुई। प्रदर्शनकारियों के विधानसभा की ओर बढ़ने और कई बैरिकेड तोड़ने के बाद पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारें कीं, आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी घायल हुए, जबकि चार पुलिसकर्मियों के भी घायल होने की जानकारी सामने आई है।

बैरिकेड तोड़कर विधानसभा गेट तक पहुंचे प्रदर्शनकारी

अधिकारियों के मुताबिक, आंदोलनकारी पुराने विधानसभा भवन के बाहर से मार्च करते हुए झारखंड विधानसभा की ओर बढ़े। प्रदर्शनकारियों ने रास्ते में लगाए गए कई अवरोधकों को तोड़ दिया और विधानसभा के गेट नंबर-1 तक पहुंच गए। वहां पहुंचने के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थी धरने पर बैठ गए। पुलिस ने उन्हें हटाने और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगें पूरी होने तक पीछे हटने से इनकार कर दिया।

पुलिस कार्रवाई में महिलाओं के घायल होने का दावा

प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर कार्रवाई के दौरान जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल में महिलाओं सहित कई आंदोलनकारी घायल हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच और अपनी मांगों पर सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग दोहराई। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।

पथराव में चार पुलिसकर्मी घायल

वहीं, रांची के सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि प्रदर्शनकारियों की ओर से किए गए कथित पथराव में चार पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी बैरिकेड हटाकर विधानसभा के मुख्य गेट तक पहुंच गए थे। पुलिस की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने और उन्हें पीछे हटाने की कोशिश की गई। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी वहां धरने पर बैठे रहे, जिसके बाद पुलिस ने दोबारा बल प्रयोग किया।

आंदोलन के 17वें दिन निकाला गया मार्च

भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ अभ्यर्थियों का आंदोलन सोमवार को 17वें दिन भी जारी रहा। सुबह करीब साढ़े 10 बजे प्रदर्शनकारियों ने पुराने विधानसभा भवन के बाहर से मार्च शुरू किया। बड़ी संख्या में छात्र और अभ्यर्थी इस मार्च में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का उद्देश्य विधानसभा के नजदीक पहुंचकर सरकार के सामने अपनी मांगों को मजबूती से रखना था। इसी दौरान पुलिस के साथ टकराव की स्थिति बन गई।

मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर हुआ प्रदर्शन

सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का 51वां जन्मदिन भी था। इसी दिन आंदोलनकारी अभ्यर्थियों ने विधानसभा की ओर मार्च किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लंबे समय से भर्ती परीक्षाओं को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं और सरकार को उनकी शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए। विधानसभा के पास तनावपूर्ण स्थिति बनने के बाद सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई।

भाजपा ने मंगलवार को झारखंड बंद बुलाया

घटना के बाद भारतीय जनता पार्टी ने प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और कथित लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को झारखंड बंद का ऐलान किया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं को बताया कि राज्यव्यापी बंद सुबह 8 बजे से शुरू होकर मध्यरात्रि तक जारी रहेगा। भाजपा ने आरोप लगाया कि छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन को दबाने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया।

आवश्यक सेवाओं को बंद से रखा गया बाहर

आदित्य साहू के मुताबिक, बंद पूरे झारखंड में प्रभावी रहेगा। हालांकि, पार्टी ने आवश्यक सेवाओं को बंद के दायरे से बाहर रखने की बात कही है। भाजपा ने सरकार से प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों पर बातचीत करने और पुलिस कार्रवाई की समीक्षा करने की मांग की है। बंद के ऐलान के बाद प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती बढ़ गई है।

मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने का ऐलान

छात्र संगठनों और प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने संकेत दिया है कि वे अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखेंगे। उनका कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का समाधान किए बिना आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा। सोमवार की झड़प के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। अब सभी की नजर सरकार की अगली कार्रवाई और मंगलवार को प्रस्तावित झारखंड बंद के दौरान राज्य की स्थिति पर है।

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