Jauhar University: संसद के निचले सदन यानी लोकसभा में सरकार और विपक्ष के बीच पिछले कुछ समय से चला आ रहा गतिरोध आखिरकार समाप्त हो गया है। देश के युवाओं के भविष्य और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण ‘एंटी पेपर लीक बिल’ (पेपर लीक विरोधी विधेयक) पर अब मंगलवार, 28 जुलाई को सदन में विस्तार से चर्चा होगी और इसके बाद इस पर वोटिंग की जाएगी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की सार्थक पहल और सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठकों के बाद इस महत्वपूर्ण विधेयक पर आम सहमति बन गई है।
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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अहम पहल
सदन की कार्यवाही के दौरान गतिरोध को दूर करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने एक मझे हुए राजनेता की तरह पहल की। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं और फ्लोर लीडर्स से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और उन्हें समझाया कि यह विषय देश के करोड़ों विद्यार्थियों, मेहनतकश युवाओं और परीक्षाओं की निष्पक्षता से जुड़ा हुआ है।
स्पीकर ने सदन में अपील करते हुए कहा था कि ऐसे संवेदनशील राष्ट्रीय मुद्दे पर राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर व्यापक और सार्थक चर्चा होना बेहद जरूरी है। अध्यक्ष के इस सकारात्मक और लोकतांत्रिक प्रयास का परिणाम यह रहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने आपसी सहमति जताते हुए मंगलवार को विधेयक पर चर्चा करने का निर्णय लिया। इसे संसदीय परंपराओं और लोकतांत्रिक मूल्यों का एक बेहतरीन उदाहरण माना जा रहा है।
एंटी पेपर लीक बिल के मुख्य बिंदु और उद्देश्य
यह विधेयक देश में लगातार सामने आ रहे सार्वजनिक परीक्षाओं के पेपर लीक, नकल के मामलों, संगठित परीक्षा माफिया और अन्य सभी अनुचित साधनों पर कानूनी रूप से प्रभावी और सख्त रोक लगाने के उद्देश्य से लाया गया है।
मंगलवार को होने वाली इस उच्च-स्तरीय चर्चा के दौरान देश भर के विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद इस विधेयक के विभिन्न प्रावधानों पर अपने सुझाव रखेंगे और यदि आवश्यक हुआ तो अपने संशोधन भी प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद संबंधित मंत्री सदन में इन चर्चाओं और सुझावों का जवाब देंगे और अंत में विधेयक को पास कराने के लिए सदन की स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में पेश किया था बिल
गौरतलब है कि देश भर में नीट (NEET) पेपर लीक और अन्य परीक्षाओं को लेकर कई सप्ताह तक चले तीखे और देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बाद, केंद्र सरकार ने इस पर कड़ा रुख अपनाया है। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोमवार, 27 जुलाई को लोकसभा में यह पेपर लीक विरोधी बिल औपचारिक रूप से पेश किया।
बिल पेश किए जाने के दौरान सत्ता पक्ष के सदस्यों ने सदन की मेज थपथपाकर इसका जोरदार स्वागत किया और अपना पूरा समर्थन दिया। हालांकि, सोमवार को लोकसभा स्पीकर द्वारा संशोधन प्रस्तुत करने के लिए दोपहर एक बजे तक का समय तय किया गया था, लेकिन विपक्षी दलों के भारी हंगामे और शोर-शराबे के कारण तय दिन इस पर बहस नहीं हो सकी। अब मंगलवार को सभी बाधाएं दूर होने के बाद इस पर सदन की मुहर लगने की पूरी उम्मीद है।










