Jantar Mantar Violence: देर रात हिंसा के बाद अभिजीत दीपके का बड़ा बयान, बोले- CJP का आंदोलन…

जंतर मंतर पर हुई हिंसा के बाद अभिजीत दीपके ने बयान जारी कर CJP आंदोलन को लेकर अपनी बात रखी। देर रात हुई घटनाओं के बाद प्रदर्शन, सुरक्षा व्यवस्था और आंदोलन की दिशा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पुलिस कार्रवाई और आगे की रणनीति पर अब सभी की नजरें बनी हुई हैं।

Jantar Mantar Violence

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 23, 2026

Jantar Mantar Violence:  दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जारी आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह शांति, लोकतांत्रिक मूल्यों और अहिंसा के रास्ते पर आगे बढ़ेगा। दीपके ने प्रदर्शनकारियों से भी संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि उनकी लड़ाई शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने की है। उनका कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों की आवाज को लोकतांत्रिक तरीके से उठाना है।

इंटरनेट सेवाएं बंद करने का लगाया आरोप

CJP ने आरोप लगाया है कि जंतर-मंतर और उसके आसपास के क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं बाधित कर दी गई हैं। पार्टी का दावा है कि इंटरनेट बंद होने से प्रदर्शनकारियों को संवाद करने और अपनी बात लोगों तक पहुंचाने में कठिनाई हो रही है। अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए सवाल उठाया कि क्या सरकार आंदोलन के खिलाफ फिर से सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रही है। हालांकि, इस संबंध में संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इंटरनेट सेवाओं को लेकर लगाए गए आरोपों पर प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार है।

सुरक्षा बलों से संयम बरतने की अपील

अभिजीत दीपके ने एक अन्य संदेश में जंतर-मंतर पर तैनात दिल्ली पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों से प्रदर्शनकारियों के प्रति संयम बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ किसी प्रकार के बल प्रयोग से बचा जाना चाहिए। दीपके ने यह भी कहा कि आंदोलन पूरी तरह अहिंसक रहेगा और सभी प्रदर्शनकारियों से कानून का सम्मान करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का आग्रह किया गया है। उन्होंने सुरक्षा बलों से भी अपील की कि वे स्थिति को संवाद और धैर्य के माध्यम से संभालें।

‘संसद चलो’ मार्च के बाद लगातार जारी है धरना

20 जुलाई को आयोजित ‘संसद चलो’ मार्च के बाद से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। मार्च के दौरान जब प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर बढ़ने का प्रयास किया, तब दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था लागू की थी। इस दौरान लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की घटनाओं को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं। इसके बाद से प्रदर्शनकारी लगातार धरना देकर अपनी मांगों को दोहरा रहे हैं।

बल प्रयोग को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे

CJP का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने आवश्यकता से अधिक बल प्रयोग किया, जिससे कई प्रदर्शनकारी घायल हुए। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस का कहना है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़ने और प्रतिबंधित क्षेत्र की ओर बढ़ने का प्रयास किया था, जिसके चलते हालात को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करनी पड़ी। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम को लेकर जांच और विभिन्न दावों की समीक्षा की जा रही है।

सोनम वांगचुक ने सरकार से मांगा भरोसा

इस बीच पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी आंदोलन को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार यह आश्वासन दे कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दोबारा बल प्रयोग नहीं किया जाएगा और उनके विरुद्ध कोई नई प्राथमिकी या दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी, तो वे अपना आमरण अनशन समाप्त करने के लिए तैयार हैं। वांगचुक ने बताया कि अनशन के दौरान उनका लगभग 11 किलोग्राम वजन कम हो गया है, लेकिन वह जल्द अपने सामाजिक और पर्यावरण संबंधी कार्यों में लौटना चाहते हैं। उन्होंने सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच संवाद के माध्यम से समाधान निकालने पर भी जोर दिया।

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