Haryana News: एशियन गेम्स 2026 में मंगलवार को भारतीय महिला बैडमिंटन टीम के लिए मुकाबला काफी निराशाजनक रहा। जापान के खिलाफ खेले गए महत्वपूर्ण क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भारतीय शटलर उन्नति हुड्डा को कड़े संघर्ष के बाद हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही भारतीय महिला बैडमिंटन टीम का एशियन गेम्स में मेडल जीतने का सपना इस बार टूट गया और टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई।
जापान की टोमोका मियाज़ाकी से हुआ कड़ा मुकाबला

दूसरे एकल मुकाबले में युवा भारतीय खिलाड़ी उन्नति हुड्डा का सामना जापान की मजबूत खिलाड़ी टोमोका मियाज़ाकी से हुआ। दोनों खिलाड़ियों के बीच यह मैच बेहद संघर्षपूर्ण और रोमांचक रहा, जिसमें शुरुआत से ही कोर्ट पर जोरदार टक्कर देखने को मिली।
पहला गेम: मैच की शुरुआत काफी उतार-चढ़ाव भरी रही। एक समय उन्नति 4-6 से पिछड़ रही थीं, लेकिन उन्होंने शानदार वापसी करते हुए मैच के इंटरवल तक 11-10 की एक अंक की मामूली बढ़त बना ली। हालांकि, गेम के अंतिम क्षणों में वह जापानी खिलाड़ी के दबाव को झेल नहीं पाईं और 15-19 से पिछड़ गईं। अंततः, उन्नति यह कड़ा पहला गेम 16-21 से हार गईं।
दूसरा गेम: पहले गेम की हार के बाद दूसरे गेम में उन्नति ने बेहतरीन जज्बा दिखाया और जोरदार शुरुआत की। उन्होंने अपनी शानदार खेल शैली का प्रदर्शन करते हुए इंटरवल तक 11-4 की एक मजबूत और सुरक्षित बढ़त हासिल कर ली थी।
बढ़त गंवाने के बाद हाथ लगी निराशा

दूसरे गेम में 11-4 की मजबूत बढ़त बनाने के बावजूद उन्नति हुड्डा इस लय को मैच के अंत तक बरकरार रखने में नाकामयाब रहीं। जापानी शटलर टोमोका मियाज़ाकी ने हार न मानते हुए खेल में गजब की वापसी की और धीरे-धीरे स्कोर की दूरी को कम करते हुए उन्नति को 13-15 से पीछे कर दिया। शुरुआती बढ़त का फायदा उठाने में विफल रहने के कारण उन्नति दूसरा गेम भी 18-21 से गंवा बैठीं।
इस सीधे सेटों की हार के साथ ही उन्नति हुड्डा यह मुकाबला हार गईं और इसके साथ ही जापान ने सीरीज में 2-0 की निर्णायक बढ़त बना ली।
भारतीय महिला टीम का एशियन गेम्स अभियान समाप्त
उन्नति हुड्डा की इस हार के बाद भारतीय टीम पर दबाव और अधिक बढ़ गया। मंगलवार को खेले गए इन मुकाबलों के अंत में, भारतीय महिला बैडमिंटन टीम जापान के खिलाफ कुल 1-3 से हार गई। इस पराजय के साथ ही टीम इंडिया का एशियन गेम्स 2026 का सफर क्वार्टर फाइनल चरण में ही समाप्त हो गया। हालांकि भारतीय खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में कड़ा संघर्ष किया, लेकिन जापानी टीम के अनुभव और आक्रामक खेल के आगे उन्हें अंततः हार स्वीकार करनी पड़ी।










