Jalandhar Murder : पंजाब के जालंधर से एक बेहद चौंकाने वाली और सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां के जाने-माने सूचना का अधिकार (RTI) कार्यकर्ता और पेशेवर वकील सिमरनजीत सिंह की सरेराह ताबड़तोड़ गोलियां मारकर निर्मम हत्या कर दी गई। प्राप्त प्राथमिक जानकारी के अनुसार, इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के लिए कुछ अज्ञात हमलावर पहले से ही घात लगाए बैठे थे। उन्होंने एलपीयू (LPU) जालंधर-लुधियाना राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप चहेरू नामक इलाके के पास इस खूनी खेल को अंजाम दिया। सूत्रों और चश्मदीदों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक, यह एक सुनियोजित टारगेट किलिंग थी और हमलावरों का मुख्य उद्देश्य सिमरनजीत सिंह को ही निशाना बनाना था। जैसे ही सिमरनजीत अपनी गाड़ी से इस निर्धारित मार्ग से होकर गुजरे, वहां पहले से छिपे बैठे अपराधियों ने उन पर अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या की सटीक वजह स्पष्ट नहीं, पुलिस टीम छानबीन में जुटी
इस जघन्य हत्याकांड के पीछे के असली और सटीक कारणों का अभी तक पूरी तरह से खुलासा नहीं हो पाया है। सिमरनजीत सिंह एक आरटीआई कार्यकर्ता के रूप में कई संवेदनशील मामलों को उठा रहे थे, इसलिए पुलिस इस बिंदु को भी गहराई से देख रही है। सरेशाम हुई इस ताबड़तोड़ फायरिंग की घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और भारी पुलिस बल तुरंत हरकत में आया और बिना वक्त गंवाए घटनास्थल पर पहुंच गया। पुलिस विभाग की फोरेंसिक और खोजी टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाने की वैज्ञानिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके साथ ही, जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर हमलावरों की त्वरित पहचान करने और उन्हें जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजने के लिए विभिन्न पुलिस थानों की टीमों को अलर्ट कर दिया गया है।
घटनास्थल से भारी मात्रा में अवैध हथियार और जिंदा कारतूस बरामद
इस पूरे आपराधिक मामले की गंभीरता को देखते हुए जालंधर रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) नवीन सिंगला स्वयं स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने मीडिया को आधिकारिक तौर पर बताया कि कपूरथला पुलिस कंट्रोल रूम को दूरभाष के माध्यम से चहेरू के पास एक अज्ञात व्यक्ति का लहूलुहान शव पड़े होने की सूचना मिली थी। इस आपातकालीन सूचना के प्राप्त होते ही थाना पुलिस की विशेष टीम तुरंत क्राइम सीन पर रवाना की गई। पुलिस टीम द्वारा की गई शुरुआती और सघन जांच के दौरान घटनास्थल और उसके आसपास से एक .32 बोर की विदेशी पिस्तौल और एक 12 बोर की देसी राइफल सहित कुछ खोखे बरामद किए गए हैं। पुलिस इस मामले में महत्वपूर्ण सुराग और हमलावरों के भागने के रूट का पता लगाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग और आसपास के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज को बारीकी से खंगाल रही है।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, हर संभावित एंगल पर हो रही गहन जांच
जालंधर के इस प्रतिष्ठित वकील और आरटीआई एक्टिविस्ट सिमरनजीत सिंह की दिनदहाड़े हुई इस जघन्य हत्या के मामले में स्थानीय पुलिस ने विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रशासन ने जनता को आश्वस्त किया है कि इस मामले की निष्पक्ष और तेज गति से जांच सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। हत्या के वास्तविक कारणों की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस आपसी रंजिश, पेशेवर विवाद और उनके द्वारा दायर की गई आरटीआई याचिकाओं सहित हर एक संभावित एंगल और कड़ियों को जोड़कर तफ्तीश को आगे बढ़ा रही है। वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे यह तकनीकी और जमीनी जांच आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे फरार हमलावरों के ठिकानों और इस पूरी खूनी साजिश के पीछे के मुख्य मास्टरमाइंड के बारे में और अधिक पुख्ता जानकारी सामने आ सकेगी।
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