जल गंगा संवर्धन अभियान: पुष्पराजगढ़ में नहरों को मजबूती देने का प्रयास

सफलता की कहानी जल गंगा संवर्धन अभियान-पुष्पराजगढ़ में ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ से हो रहा है नहर सुदृढ़ीकरण अंतिम छोर तक पानी पहुंचने से बदलेगी तस्वीर भोपाल  अनूपपुर जिले का आदिवासी बहुल विकासखंड पुष्पराजगढ़ अब कृषि विकास की नई दिशा की ओर अग्रसर है। ‘‘जल गंगा संवर्धन अभियान’’ के अंतर्गत झिलमिल जलाशय की नहरों के निर्माण, सुदृढ़ीकरण एवं विस्तार कार्य से यहाँ किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आयेगा। वर्षों से इस क्षेत्र के किसान वर्षा आधारित खेती या सीमित जल स्त्रोतों पर निर्भर थे। नहर प्रणाली की जर्जर स्थिति के कारण जल अंतिम छोर तक नहीं पहुँच पाता था,

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Published On :

मई 6, 2026

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सफलता की कहानी

जल गंगा संवर्धन अभियान-पुष्पराजगढ़ में ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ से हो रहा है नहर सुदृढ़ीकरण

अंतिम छोर तक पानी पहुंचने से बदलेगी तस्वीर

भोपाल 

अनूपपुर जिले का आदिवासी बहुल विकासखंड पुष्पराजगढ़ अब कृषि विकास की नई दिशा की ओर अग्रसर है। ‘‘जल गंगा संवर्धन अभियान’’ के अंतर्गत झिलमिल जलाशय की नहरों के निर्माण, सुदृढ़ीकरण एवं विस्तार कार्य से यहाँ किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आयेगा। वर्षों से इस क्षेत्र के किसान वर्षा आधारित खेती या सीमित जल स्त्रोतों पर निर्भर थे। नहर प्रणाली की जर्जर स्थिति के कारण जल अंतिम छोर तक नहीं पहुँच पाता था, जिससे सिंचाई में बाधा आती थी। अब जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत झिलमिल जलाशय के मुख्य नहर तथा माइनर नहर के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य तेजी से प्रगति पर है। करीब 19 करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से यह कार्य पूर्ण होने पर 5.04 एमसीएम क्षमता वाले जलाशय का जल अंतिम छोर के खेतों तक पहुँच सकेगा। इससे सिंचाई व्यवस्था में स्थायी सुधार होगा। लगभग 905 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता को सुदृढ़ बनाया जा रहा है। करीब 11 किलोमीटर लंबा नहर तंत्र विकसित किया जा रहा है। इस योजना से सीधे तौर पर बीजापुरी, पीपाटोला, कछरा टोला और झिलमिल गाँवों के लगभग एक हजार किसान परिवार लाभान्वित होंगे। उनकी आय में वृद्धि और आजीविका में स्थिरता आयेगी।

अनूपपुर कलेक्टर हर्षल पंचोली परियोजना की नियमित निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने जल संसाधन विभाग को निर्देश दिए हैं कि कार्य गुणवत्ता के साथ समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। स्थानीय किसानों में इस परियोजना को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। किसान जगत सिंह, ठाकुर सिंह और कमलेश्वर सिंह सहित कई कृषकों का कहना है कि नहरों के सुधार से अब अंतिम खेत तक पानी पहुँचने की समस्या समाप्त हो जाएगी, जिससे वे दोनों मौसमों में बेहतर खेती कर सकेंगे। पुष्पराजगढ़ में झिलमिल जलाशय से प्रवाहित यह जल न केवल खेतों को सिंचित करेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा। ‘‘जल गंगा संवर्धन अभियान’’ के तहत यह पहल भविष्य में अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक मॉडल साबित हो सकती है। 

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