S Jaishankar in G20: G20 बैठक में जयशंकर ने उठाया होर्मुज में भारत पर हमले का मुद्दा, ऊर्जा संकट पर दुनिया को घेरा

G20 बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने होर्मुज में भारत पर हुए हमले का मुद्दा उठाकर वैश्विक ऊर्जा संकट पर सवाल खड़े किए हैं। LPG की स्थिर आपूर्ति से लेकर महत्वपूर्ण खनिजों तक भारत ने अपना पक्ष रखा। आखिर ऊर्जा बाजार को लेकर भारत दुनिया से क्या चाहता है?

S Jaishankar in G20

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 31, 2026

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S Jaishankar in G20 : भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के हितों और ऊर्जा सुरक्षा का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया है। शुक्रवार को दो दिवसीय G20 विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए जयशंकर अमेरिका के अटलांटा पहुंचे। यहां उन्होंने होर्मुज में भारत से जुड़े जहाजों पर हुए हमले और पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर चिंता जताई। उन्होंने ऊर्जा व्यापार और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने पर आपत्ति दर्ज कराई। बैठक के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया पर अपनी चर्चाओं और भारत के रुख से जुड़ी अहम बातें साझा कीं।

ऊर्जा संकट सिर्फ उत्पादन की कमी का मामला नहीं

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि दुनिया इस समय जिस ऊर्जा संकट का सामना कर रही है, उसकी वजह केवल उत्पादन में कमी नहीं है। असल समस्या अनिश्चितता, आपूर्ति में रुकावट, बढ़ती कीमतों और ऊर्जा तक पहुंच की चुनौतियों से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा व्यापार और उससे जुड़े बुनियादी ढांचे पर जानबूझकर किए जाने वाले हमले वैश्विक बाजार को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे कदम ऊर्जा की कीमतों और आपूर्ति पर नियंत्रण स्थापित करने की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं। भारत ने इस तरह की गतिविधियों पर गंभीर चिंता जताई है।

कम आय वाले देशों पर पड़ रहा ऊर्जा संकट का सबसे ज्यादा असर

जयशंकर ने G20 बैठक में यह भी रेखांकित किया कि ऊर्जा बाजार में बाधाएं, प्रतिबंध और आपूर्ति संबंधी रुकावटें लगातार बढ़ रही हैं। इनका असर पहले के मुकाबले अधिक व्यापक और जटिल होता जा रहा है। उन्होंने चिंता जताई कि इस संकट के बीच कम आय वाले देशों की परेशानियों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऊर्जा की कीमतों में तेजी और आपूर्ति में अनिश्चितता से विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। भारत ने सभी देशों से इस चुनौती को गंभीरता से लेने की अपील की।

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LPG की स्थिर आपूर्ति भारत के लिए क्यों जरूरी?

विदेश मंत्री ने तेल और गैस के मामले में अलग-अलग मानदंड अपनाए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कुछ विशेष परिस्थितियों में दी जाने वाली छूट वैश्विक ऊर्जा व्यापार में मौजूद असमानताओं को उजागर करती है। जयशंकर ने वैश्विक बाजारों की परस्पर निर्भरता और उसके दूरगामी प्रभावों को समझने की जरूरत बताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत को स्वच्छ खाना पकाने की जरूरतों को पूरा करने के लिए LPG की भरोसेमंद और स्थिर आपूर्ति चाहिए। भारत के करोड़ों परिवारों की रसोई और ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से यह महत्वपूर्ण है।

महत्वपूर्ण खनिजों पर भारत ने पेश किया अपना प्रस्ताव

बैठक में जयशंकर ने भारत के राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि यह मिशन खनिजों की खोज से लेकर उनके पुनर्चक्रण तक के विभिन्न पहलुओं को शामिल करता है। भारत ने G20 के सामने क्रिटिकल मिनरल्स सर्कुलैरिटी इनिशिएटिव का प्रस्ताव रखा है। इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों के बेहतर इस्तेमाल, उपलब्धता और रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देना है।

ऊर्जा सुरक्षा के लिए G20 से दिखाई नेतृत्व देने की अपील

जयशंकर ने कहा कि ऊर्जा बाजारों को खुला, सुरक्षित और स्थिर बनाए रखने के लिए G20 देशों को जिम्मेदारी के साथ नेतृत्व करना होगा। उन्होंने फंडिंग तक पहुंच बढ़ाने और ऊर्जा भंडारण, छोटे मॉड्यूलर परमाणु रिएक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन तथा जैव ईंधन जैसे क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। भारत का मानना है कि वैश्विक ऊर्जा संकट से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और दीर्घकालिक रणनीति बेहद जरूरी है।