Indian Stock Market : शेयर बाजार में निवेशकों को बड़ा झटका, दिवाली से दिवाली तक 83 दिग्गज कंपनियों के शेयर टूटे

दिवाली से दिवाली तक भारतीय शेयर बाजार ने निवेशकों को बड़ा झटका दिया है। निफ्टी 10.3 प्रतिशत टूट गया और 83 बड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई। हालांकि, कुछ शेयरों ने 70 प्रतिशत तक रिटर्न दिया। अब सवाल है कि क्या अगली दिवाली तक लार्जकैप शेयरों की किस्मत बदलेगी?

Indian Stock Market

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 31, 2026

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Indian Stock Market : भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों के लिए पिछला एक साल काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। बाजार में कई बार तेजी देखने को मिली, लेकिन वैश्विक परिस्थितियों और लगातार बिकवाली ने इस बढ़त को टिकने नहीं दिया। अंतरराष्ट्रीय तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और विदेशी निवेशकों की निकासी ने घरेलू बाजार पर दबाव बनाए रखा। इसका असर बड़े से लेकर छोटे शेयरों तक देखने को मिला है।

निफ्टी से लेकर स्मॉलकैप तक निवेशकों को नुकसान

23 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, पिछले दिवाली से इस दिवाली के बीच निफ्टी 50 में 10.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, निफ्टी 500 भी 7.8 प्रतिशत नीचे आ गया। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी बिकवाली से नहीं बच सके। निफ्टी मिडकैप 100 में 4.5 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 250 में 3.7 प्रतिशत की कमजोरी आई। इससे साफ है कि बाजार की गिरावट का असर अलग-अलग श्रेणियों के निवेशकों पर पड़ा है।

83 बड़ी कंपनियों के शेयरों में आई भारी गिरावट

पिछले एक साल में देश की दिग्गज कंपनियों के शेयरों ने भी निवेशकों को निराश किया है। आंकड़ों के अनुसार, 83 लार्जकैप कंपनियों के शेयर पिछले दिवाली के मुकाबले गिरावट में कारोबार कर रहे हैं। इनमें कुछ शेयरों की कीमत करीब 60 प्रतिशत तक टूट गई। इस सूची में स्विगी, टाटा मोटर्स, एचडीएफसी बैंक, इंफोसिस, आईटीसी, वेदांता, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और जियो फाइनेंशियल सर्विसेज जैसी कंपनियां शामिल हैं।

इन 43 कंपनियों ने निवेशकों को दिया शानदार रिटर्न

जहां ज्यादातर बड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट रही, वहीं कुछ कंपनियों ने बाजार की कमजोरी के बावजूद अच्छा प्रदर्शन किया। केवल 43 लार्जकैप शेयर पिछले दिवाली के मुकाबले बढ़त दर्ज करने में सफल रहे। इनमें बीएचईएल, हिताची एनर्जी, एसएएमआईएल, टाइटन, श्रीराम फाइनेंस, हिंडाल्को और अडानी पावर शामिल हैं। इन कंपनियों के शेयरों में अधिकतम 70 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई।

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क्या अब लार्जकैप शेयरों में निवेश का सही मौका है?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार गिरावट के बाद कई बड़ी कंपनियों के शेयर आकर्षक कीमतों पर उपलब्ध हो सकते हैं। कुछ कंपनियों के शेयरों में उनके कारोबार की वास्तविक स्थिति की तुलना में अधिक गिरावट आई है। ऐसे में लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अवसर बन सकते हैं। निफ्टी का वैल्यूएशन भी घटकर अगले एक साल की अनुमानित कमाई के मुकाबले 16.4 गुना रह गया है, जबकि इसका लंबी अवधि का औसत 18.4 गुना है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली बनी बाजार की सबसे बड़ी चिंता

शेयर बाजार के सामने सबसे बड़ी चुनौती विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII की लगातार बिकवाली है। सितंबर तिमाही में कम से कम 53 ऐसी कंपनियों में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी घटी, जिनका बाजार मूल्य एक लाख करोड़ रुपये या उससे अधिक है। एचडीएफसी बैंक में विदेशी हिस्सेदारी 2.43 प्रतिशत अंक कम हुई। वहीं आईटीसी में 1.01 और महिंद्रा एंड महिंद्रा में 1.55 प्रतिशत अंक की गिरावट दर्ज की गई।

रिलायंस समेत कई दिग्गज कंपनियों पर दबाव

देश की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल रिलायंस इंडस्ट्रीज में भी विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी 0.52 प्रतिशत अंक घट गई। इस साल कंपनी का शेयर करीब 24.2 प्रतिशत टूट चुका है। इसके अलावा टीसीएस, भारती एयरटेल, मारुति सुजुकी, हिंदुस्तान यूनिलीवर और एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस में भी विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी और शेयर कीमतों पर दबाव देखने को मिला।

GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ा, लेकिन बाजार की राह आसान नहीं

भारतीय रिजर्व बैंक ने अक्टूबर 2026 की मौद्रिक नीति समीक्षा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए वास्तविक GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7.1 प्रतिशत कर दिया है। घरेलू मांग, इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश और सेवाओं का क्षेत्र अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहे हैं। हालांकि, महंगे कच्चे तेल और कमजोर मानसून से महंगाई तथा ग्रामीण मांग पर असर पड़ सकता है। आने वाले समय में बाजार की दिशा विदेशी निवेश, ब्याज दरों, वैश्विक हालात और कंपनियों के तिमाही नतीजों से तय होगी।