Jaipur News: जयपुर के मालवीय नगर क्षेत्र में स्थित नूरानी मस्जिद सहित चार धार्मिक स्थलों पर प्रस्तावित ध्वस्तीकरण कार्रवाई को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। सोमवार सुबह से शुरू होने वाली इस कार्रवाई के मद्देनजर इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) द्वारा सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत यह अभियान चलाया जाना है। संवेदनशील स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
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सड़क विस्तार परियोजना के तहत कार्रवाई की तैयारी
जेडीए का कहना है कि मालवीय नगर क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण का कार्य प्रस्तावित है, जिसके लिए पहले भी बड़ी संख्या में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा चुकी है। अधिकारियों के अनुसार कुल 143 नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें से अधिकांश मकानों को पूर्व में हटाया जा चुका है। अब सड़क विस्तार योजना के अगले चरण में कुछ धार्मिक स्थलों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इनमें नूरानी मस्जिद, एक मजार, दो छोटे मंदिर और एक सत्संग भवन शामिल हैं।
मस्जिद प्रबंधन समिति ने जताई आपत्ति
नूरानी मस्जिद से जुड़े प्रतिनिधियों ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। समिति का कहना है कि उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया गया और नोटिस भी बहुत कम समय पहले सौंपा गया। उनका दावा है कि मस्जिद कई दशक पुरानी है और यहां नियमित रूप से बड़ी संख्या में लोग नमाज अदा करते हैं।
समिति के अनुसार जिस भूमि पर मस्जिद बनी है, वह एक स्वीकृत हाउसिंग सोसाइटी से खरीदी गई थी। उनका कहना है कि भूमि से जुड़े सभी आवश्यक शुल्क भी समय-समय पर जमा किए गए हैं। समिति ने यह भी सुझाव दिया है कि यदि सड़क चौड़ीकरण आवश्यक है तो भवन के एक हिस्से का उपयोग किया जा सकता है, लेकिन धार्मिक गतिविधियों के लिए शेष हिस्से को सुरक्षित रखा जाना चाहिए।
वैकल्पिक भूमि को लेकर भी उठे सवाल
मस्जिद प्रबंधन का दावा है कि प्रशासन की ओर से वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराने की मौखिक जानकारी दी गई थी। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक दस्तावेज या लिखित आदेश सामने नहीं आया है। इसी वजह से समिति ने इस प्रस्ताव पर स्पष्टता की मांग की है।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां
संभावित तनाव को देखते हुए प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्रवाई से पहले फ्लैग मार्च किया तथा संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त जारी रखी। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल को भी तैनात किया गया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अफवाह फैलाने या माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इंटरनेट सेवाएं बंद, धारा 163 लागू
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे जयपुर शहर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 लागू कर दी गई है। इसके अलावा एहतियात के तौर पर 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं भी निलंबित करने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन का उद्देश्य किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी के प्रसार को रोकना है।
समुदाय और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया
रविवार को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मस्जिद को बचाने की मांग को लेकर सामूहिक प्रार्थना का आयोजन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। वहीं कुछ जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक नेताओं ने कार्रवाई के समय और प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं तथा प्रशासन से पुनर्विचार की मांग की है।
शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील
प्रशासन ने सभी नागरिकों से संयम बरतने और कानून का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, अफवाह या कानून-व्यवस्था भंग करने की कोशिश को गंभीरता से लिया जाएगा। फिलहाल पूरे शहर की नजर इस कार्रवाई पर टिकी हुई है और प्रशासन किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।










