Jaipur Fire Accident : जयपुर में पटाखा गोदाम में आग, बच्चे समेत 7 की मौत, तड़पते रहे मासूम लोग

Jaipur Fire Accident: राजस्थान की राजधानी जयपुर के खोह नागोरियान इलाके में एक घर के भीतर अवैध रूप से चल रहे पटाखा गोदाम में अचानक भयंकर विस्फोट के बाद आग लग गई। इस दिल दहला देने वाले हादसे में बच्चे समेत कई लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। आखिर इस रिहायशी इलाके में बारूद का यह खूनी खेल कौन खेल रहा था? जानिए!

Jaipur Fire Accident

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 9, 2026

Jaipur Fire Accident : राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक बेहद हृदयविदारक और दर्दनाक घटना सामने आई है। शहर के खोह नागोरियान थाना इलाके में स्थित एक पटाखों के गोदाम में मंगलवार की सुबह करीब 11 बजे अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि गोदाम के भीतर मौजूद लोगों को बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिला। इस भयानक अग्निकांड में एक मासूम बच्चे सहित कुल सात लोगों की झुलसने और दम घुटने से मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, इस हादसे में एक मजदूर गंभीर रूप से झुलस गया है, जिसकी स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में कोहराम मच गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

मृतकों में पांच की हुई पहचान

इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले सात लोगों में से पांच मृतकों की शिनाख्त कर ली गई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतकों में अब्दुल वाहिद (50 वर्ष), राबिल, बिलाल (30 वर्ष), समीर (20 वर्ष) और अजीम उर्फ आविद शामिल हैं। वहीं, अन्य 2 मृतकों के शव इस कदर झुलस चुके हैं कि उनकी शिनाख्त अभी तक नहीं हो पाई है, जिसके लिए पुलिस प्रयास कर रही है। हादसे में घायल हुए मजदूर नासिर को तुरंत सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल के बर्न वार्ड में दाखिल कराया गया। एसएमएस अस्पताल के वरिष्ठ प्लास्टिक सर्जन डॉक्टर आरके जैन ने बताया कि नासिर करीब 95 प्रतिशत तक झुलस चुका है और उसे आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखकर बचाने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।

कलेक्टर संदेश नायक का बयान

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। जयपुर के जिला कलेक्टर संदेश नायक ने दुर्घटनास्थल का मुआयना करने के बाद मीडिया को बताया कि पटाखों का यह अवैध गोदाम खोह नागोरियान के आयशा नगर तलाई क्षेत्र में एक आईटीआई (ITI) कॉलेज के बिल्कुल पास संचालित हो रहा था। शुरुआती जांच और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर ऐसा प्रतीत होता है कि गोदाम के भीतर किसी अत्यधिक ज्वलनशील रासायनिक पदार्थ की मौजूदगी के कारण यह शॉर्ट सर्किट या चिंगारी से आग भड़की और कुछ ही सेकंड में पूरे परिसर में बारूद के धमाके होने लगे।

पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल की चेतावनी

जयपुर के पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने मामले की तकनीकी जानकारी साझा करते हुए बताया कि जिस स्थान पर यह दर्दनाक हादसा हुआ, वह मूल रूप से पटाखे भंडारण का गोदाम है, जबकि पटाखों के निर्माण की फैक्ट्री यहां से कुछ दूरी पर स्थित है। उन्होंने साफ किया कि रिहायशी (आवासीय) इलाके में इस तरह का कमर्शियल और बारूद का गोदाम पूरी तरह से अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था, जिसके पास कोई वैध अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) नहीं था। पुलिस कमिश्नर ने सख्त लहजे में कहा कि मामले की पूरी गहनता से जांच के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी और इस अवैध गोदाम के मालिक के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या सहित विभिन्न कड़े कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

विधायक अमीन कागजी ने उठाए गंभीर सवाल

इस भीषण अग्निकांड के बाद स्थानीय राजनीति भी गरमा गई है। क्षेत्रीय विधायक अमीन कागजी ने दुर्घटनास्थल का दौरा किया और स्थानीय पुलिस व प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े किए। उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा, “इतने घने रिहायशी इलाके में भारी मात्रा में बारूद का अवैध गोदाम धड़ल्ले से चल रहा था, और क्या इसकी भनक स्थानीय पुलिस और खुफिया तंत्र को बिल्कुल नहीं थी? यह प्रशासन की बहुत बड़ी लापरवाही को दर्शाता है।” उन्होंने आगे कहा कि इलाके के आम लोग भी किसी अज्ञात डर और दबाव के कारण इस अवैध कारोबार के खिलाफ मुंह खोलने से कतरा रहे थे, जिसके कारण आज इतना बड़ा हादसा हो गया।

जिम्मेदारों के रवैये पर बरसे विधायक

विधायक अमीन कागजी ने अधिकारियों और जिम्मेदारों के संभावित बयानों पर पहले से ही तंज कसते हुए कहा कि अब अपनी गर्दन बचाने के लिए जिम्मेदार अधिकारी यह कुतर्क देंगे कि मरने वाले मजदूर या लोग राजस्थान के मूल निवासी नहीं थे, बल्कि बाहरी राज्यों से आए थे। विधायक ने भावुक और कड़े लहजे में पूछा कि अगर वे बाहरी राज्यों के गरीब मजदूर थे, तो क्या उनके जीवन की कोई कीमत नहीं है? क्या उनका जीवन अमूल्य नहीं था? उन्होंने सीधे तौर पर प्रशासनिक तंत्र को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि यह पूरी तरह से आपका और आपके सिस्टम का फेल्योर (विफलता) है, जिसकी कीमत इन मासूमों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी है। उन्होंने सरकार से मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा देने और दोषियों को तुरंत जेल भेजने की मांग की है।

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