Jagannath Rath Yatra 2026: ओडिशा के ऐतिहासिक तटीय शहर पुरी में आज, गुरुवार से विश्व प्रसिद्ध वार्षिक जगन्नाथ रथ यात्रा का भव्य शुभारंभ होने जा रहा है। भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई भगवान बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा के तीन विशाल व भव्य रथ अपने गंतव्य की ओर बढ़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस पावन अवसर पर देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व और कड़े इंतजाम किए हैं।
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सिंहद्वार पर सजे तीनों भव्य रथ
श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, रथ यात्रा से जुड़ी सभी पारंपरिक और तकनीकी तैयारियां समय पर पूरी कर ली गई हैं।
तीनों रथों का निर्माण संपन्न: भगवान बलभद्र के रथ ‘तालध्वज’, देवी सुभद्रा के रथ ‘दर्पदलन’ और स्वयं भगवान जगन्नाथ के मुख्य रथ ‘नंदीघोष’ को बेहद खूबसूरती से तराशा और सजाया गया है।
सिंहद्वार पर प्रस्थान: परंपरा के अनुसार, गर्भगृह से देवताओं की विशेष ‘आज्ञामाला’ (अनुमति रूपी माला) मिलने के बाद, इन तीनों विशाल रथों को खींचकर 12वीं सदी के ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार यानी ‘सिंहद्वार’ के सामने लाया जा चुका है। ग्रैंड रोड पर खड़े ये तीनों रथ भक्तों द्वारा खींचे जाने का इंतजार कर रहे हैं।
सुरक्षा का अभेद्य किला
लाखों की भारी भीड़ और श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए पुरी को एक अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को कई लेयर्स (स्तरों) में विभाजित किया गया है।
अर्धसैनिक बलों की तैनाती: अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) संजय कुमार ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी गई है। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 15 कंपनियां, जिनमें करीब 1,500 जवान शामिल हैं, पुरी पहुंच चुकी हैं। इनमें राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG), रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), CRPF और BSF के विशेषज्ञ कमांडो शामिल हैं।
स्थानीय पुलिस बल: इसके अलावा ओडिशा पुलिस के करीब 13,000 मुस्तैद जवानों को भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी दी गई है।
तटीय सुरक्षा: पुरी के समुद्र तट (सी-बीच) पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 500 से अधिक पेशेवर लाइफगार्ड तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी डूबने की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
ड्रोन और नौसेना की संयुक्त गश्त से चप्पे-चप्पे पर नजर
आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक स्मार्ट बनाया गया है। ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (DGP) वाईबी खुरानिया ने सुरक्षा ब्लूप्रिंट की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस का मुख्य फोकस क्राउड मैनेजमेंट (भीड़ प्रबंधन), सुगम यातायात और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत क्विक रिस्पांस देने पर है।
आसमान से निगरानी: मेगा इवेंट के दौरान असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए पूरे पुरी शहर में हाई-टेक ड्रोन कैमरों से आसमान से निगरानी की जाएगी। किसी भी अनाधिकृत ड्रोन को हवा में ही मार गिराने के लिए ‘एंटी-ड्रोन सिस्टम’ का भी उपयोग किया जा रहा है।
समुद्र में कड़ा पहरा
सुरक्षा चक्र को मजबूत करने के लिए भारतीय नौसेना (Indian Navy), भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) और ओडिशा मरीन पुलिस संयुक्त रूप से समुद्र में चौबीसों घंटे गश्त कर रही हैं। समुद्री जहाजों और बोट्स पर ‘क्विक रिएक्शन टीम’ (QRT) को तैनात किया गया है ताकि किसी भी बाहरी या जलमार्ग के खतरे से तुरंत निपटा जा सके। आज दोपहर के बाद रथ खींचने की मुख्य रस्म शुरू होगी, जिसे देखने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा है।
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