जबलपुर हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: मुख्य सचिव और अतिरिक्त मुख्य सचिव को तलब, मामला क्या है?

जबलपुर  हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने सोमवार को राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में चार और जिला उपभोक्ता आयोगों में 35 रिक्त सदस्यों के पदों को भरने से संबंधित अपील पर सुनवाई की। अगली सुनवाई 24 मार्च को होगी, कोर्ट ने इस दौरान मुख्य सचिव और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्रालय के अतिरिक्त मुख्य सचिव को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। दरअसल, एकलपीठ के आदेश के विरुद्ध राज्य सरकार ने अपील दायर की है। राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश राज्य उपभोक्ता

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Published On :

मार्च 3, 2026

जबलपुर
 हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने सोमवार को राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में चार और जिला उपभोक्ता आयोगों में 35 रिक्त सदस्यों के पदों को भरने से संबंधित अपील पर सुनवाई की। अगली सुनवाई 24 मार्च को होगी, कोर्ट ने इस दौरान मुख्य सचिव और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्रालय के अतिरिक्त मुख्य सचिव को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।

दरअसल, एकलपीठ के आदेश के विरुद्ध राज्य सरकार ने अपील दायर की है। राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के पांच सदस्यों के पदों में से चार पद और जिला आयोगों के 102 सदस्यों के पदों में से 35 पद रिक्त हैं। उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली ने नियुक्ति में देरी को लेकर बताया कि केंद्र सरकार को आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की योग्यता अधिसूचित करनी है।

प्रतिवादी की ओर से बताया गया कि 51 जिला मंचों में से केवल 19 ही कार्यरत हैं। राज्य सरकार ने 16 जनवरी के एकल पीठ के आदेश के विरुद्ध अपील दायर की, जिसमें निर्देश दिया गया था कि सदस्यों और अध्यक्षों को सेवानिवृत्ति या कार्यकाल पूरा होने के बाद भी नए नियम अधिसूचित होने और तदनुसार नियुक्तियां होने तक अपने पदों पर बने रहने की अनुमति दी जाएगी।

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