Haryana News: हरियाणा में पेट्रोल और डीजल के भुगतान को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ऑल हरियाणा पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन ने केंद्र सरकार के उस कथित फैसले के खिलाफ सख्त तेवर अपनाए हैं, जिसके तहत 15 अक्टूबर के बाद 2000 रुपये से अधिक के यूपीआई (UPI) भुगतान पर 0.4 प्रतिशत चार्ज वसूले जाने का प्रावधान किया गया है। एसोसिएशन ने साफ कर दिया है कि यदि यह नियम लागू होता है, तो राज्य के पेट्रोल पंपों पर 2000 रुपये से ज्यादा की राशि का भुगतान डिजिटल माध्यम से नहीं, बल्कि केवल नकद (कैश) स्वीकार किया जाएगा।
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एसोसिएशन का कड़ा विरोध और मुख्य कारण

यमुनानगर में एक प्रेस वार्ता के दौरान ऑल हरियाणा पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के प्रधान सचिन गुर्जर, उप प्रधान विक्रम सैनी और महासचिव तरुण जिंदल ने सरकार के इस फैसले पर गहरी आपत्ति जताई। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि पेट्रोल पंपों पर हर दिन औसतन 500 से 700 डिजिटल ट्रांजैक्शन होते हैं। यदि प्रत्येक भुगतान पर 0.4 प्रतिशत चार्ज काटा गया, तो डीलर्स को प्रति महीने 60,000 से 70,000 रुपये तक का सीधा नुकसान उठाना पड़ेगा।
सीमित कमीशन: डीलर्स का तर्क है कि उनका मुनाफा पहले से ही काफी कम है। पिछले नौ वर्षों में पेट्रोल और डीजल पर मिलने वाले कमीशन में मात्र 30 पैसे की बढ़ोतरी की गई है, जबकि महंगाई के नियमों के मुताबिक इसे हर छह महीने पर संशोधित किया जाना चाहिए था। ऐसे में यह अतिरिक्त चार्ज उनके कारोबार को आर्थिक संकट में डाल देगा।
आम जनता की मुश्किलें और प्रतिक्रिया

इस फैसले के जमीन पर उतरने से आम नागरिकों और वाहन चालकों के सामने गंभीर परेशानियां खड़ी हो सकती हैं। पिछले कुछ वर्षों में देश में डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास किए गए हैं। ऐसे में अचानक पंपों पर कैश अनिवार्य होने से लोगों को असुविधा होगी। जनता का कहना है कि सरकार ने ही लोगों को कैशलेस भुगतान की आदत डाली है और अब इस प्रकार के अतिरिक्त शुल्क थोपना पूरी तरह से अनुचित है। यदि 2000 रुपये से अधिक के ईंधन के लिए केवल कैश का विकल्प बचा, तो लोगों को भारी नकदी लेकर चलना पड़ेगा।
आगे की स्थिति
ऑल हरियाणा पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन अपने इस फैसले पर अडिग नजर आ रही है। उनका साफ कहना है कि मार्जिन कम होने के कारण वे हर ट्रांजैक्शन पर चार्ज वहन करने की स्थिति में नहीं हैं। यदि सरकार इस चार्ज के फैसले को वापस नहीं लेती है, तो 15 अक्टूबर के बाद हरियाणा के पेट्रोल पंपों पर बड़े पैमाने पर बदलाव देखने को मिलेगा, जिससे सीधे तौर पर आम जनता प्रभावित होगी।
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