Haryana News: हरियाणा सरकार ने पंचकूला के चहुंमुखी विकास के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की है कि वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान पंचकूला के बुनियादी ढांचे और आधुनिकीकरण पर कुल 829.23 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस बजट का मुख्य उद्देश्य शहर को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना और जल निकासी, सीवरेज जैसी पुरानी समस्याओं का स्थायी समाधान निकालना है।
सुनियोजित विकास और बजट का आवंटन

‘विकसित हरियाणा’ के संकल्प को पूरा करने के लिए पंचकूला महानगरीय विकास प्राधिकरण लगातार सक्रिय रूप से काम कर रहा है। कुल निर्धारित बजट में से लगभग 812.60 करोड़ रुपये सीधे पूंजीगत कार्यों पर लगाए जाएंगे। इस राशि का वर्गीकरण कुछ इस प्रकार किया गया है:
बुनियादी ढांचा विकास: लगभग 449.23 करोड़ रुपये
संचालन एवं रखरखाव: लगभग 270.59 करोड़ रुपये
शहरी पर्यावरण एवं हरित क्षेत्र: लगभग 41.83 करोड़ रुपये
सरकार का लक्ष्य केवल शहरों का दायरा बढ़ाना नहीं है, बल्कि नागरिकों को सुरक्षित, स्वच्छ और हाई-टेक शहरी जीवन शैली प्रदान करना है।
जल निकासी व्यवस्था का आधुनिकीकरण

पंचकूला में जलभराव की पुरानी समस्या से निपटने के लिए लगभग 45 साल पुरानी ड्रेनेज प्रणाली को आधुनिक तकनीक से अपग्रेड किया जा रहा है। गीता चौक से टाउन पार्क तक लगभग 5.50 करोड़ रुपये की लागत से 900 मिमी व्यास वाले बरसाती नाले का पुनर्वास मशीन वाउंड स्पाइरल लाइनिंग तकनीक से सफलतापूर्वक किया गया है। इसके बाद टाउन पार्क से सिंह नाला तक लगभग 38.87 करोड़ रुपये की लागत से जल निकासी तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
पर्यावरण संरक्षण और जल का पुनः उपयोग

पर्यावरण और जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) परियोजनाओं को मंजूरी दी है। सेक्टर-7/सी में 10 एमएलडी क्षमता के एसटीपी के लिए 24.60 करोड़ रुपये और सेक्टर-5/सी में 6 एमएलडी क्षमता के एसटीपी के लिए 28.49 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इन संयंत्रों से उपचारित पानी का उपयोग पार्कों और हरित पट्टियों की सिंचाई के लिए किया जाएगा।
शहर का सौंदर्यीकरण और स्मार्ट सर्विलांस
पंचकूला को सुंदर और व्यवस्थित बनाने के लिए कई अहम कदम उठाए गए हैं। शहर के 14 राउंडअबाउट्स का सौंदर्यीकरण किया गया है और वहां आकर्षक पुष्प क्यारियां विकसित की गई हैं। लगभग 208 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक तकनीक आधारित ‘एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र’ (Integrated Command and Control Centre) स्थापित करने का प्रस्ताव है, जिससे प्रशासनिक निगरानी और शहरी सेवाओं में सुधार होगा।
विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं और कड़े निर्देश
शहरी ढांचे को मजबूत करने के साथ खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सेक्टर-32 में विश्वस्तरीय निशानेबाजी खेल परिसर का निर्माण कार्य 16 जून 2026 से शुरू हो चुका है। इस पर लगभग 109.80 करोड़ रुपये की लागत आएगी और इसे दो साल में पूरा करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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