Jabalpur Cruise Boat Tragedy: मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है, जहां पर्यटकों से भरा एक क्रूज असंतुलित होकर पानी में समा गया। इस भीषण दुर्घटना में अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 6 यात्री अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। गोताखोरों और राहत दलों द्वारा लापता लोगों की तलाश के लिए युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अब मिली जानकारी के अनुसार, कुल 22 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि क्या क्रूज पर क्षमता से अधिक लोग सवार थे।
अभिनेता सोनू सूद का सरकार को कड़ा संदेश
बताते चले कि, इस हादसे की गूंज बॉलीवुड तक पहुंच गई है। अपनी दरियादिली के लिए मशहूर अभिनेता सोनू सूद ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रशासन और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब समय आ गया है जब पानी में चलने वाले हर वाहन के लिए सुरक्षा उपकरणों के नियमों को बेहद सख्त बना दिया जाए। उन्होंने दुख जताते हुए लिखा कि ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं, लेकिन हम उनसे सबक नहीं ले रहे हैं।
नौका यात्रा सुरक्षा मानकों पर सोनू सूद की सख्त अपील
सोनू सूद ने अपने पोस्ट में पुराने हादसों का जिक्र करते हुए सरकार को एक ठोस सुझाव दिया है। उन्होंने मांग की है कि हर यात्री के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य किया जाए और इसके बिना किसी भी नाव या क्रूज को रवाना होने की अनुमति न दी जाए। केवल नियम बनाना ही काफी नहीं है, बल्कि सोनू ने जवाबदेही तय करने के लिए एक सरकारी पोर्टल बनाने का सुझाव भी दिया है। उन्होंने कहा कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी यात्रियों की लाइफ जैकेट पहने हुए ‘टाइम-स्टैम्प्ड’ फोटो पोर्टल पर अपलोड होनी चाहिए, ताकि दुर्घटना की स्थिति में लापरवाही की गुंजाइश न रहे।
मुख्यमंत्री मोहन यादव का मुआवजे का ऐलान
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर हादसे पर शोक संवेदना व्यक्त की है और अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के लिए 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि देने की घोषणा की है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय प्रशासन को भविष्य में ऐसी अनहोनी रोकने के लिए पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा ऑडिट करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
जबलपुर नौका दुर्घटना के मुख्य आंकड़े
जबलपुर की इस घटना ने एक बार फिर जल परिवहन में सुरक्षा की पोल खोल दी है। शुरुआती रिपोर्ट में मरने वालों का आंकड़ा कम था, लेकिन रेस्क्यू के दौरान संख्या बढ़कर 9 हो गई है। एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीमें अभी भी नदी की लहरों के बीच लापता 6 लोगों की तलाश कर रही हैं। क्षेत्र में शोक की लहर है और लोग सरकार से मांग कर रहे हैं कि मनोरंजन के नाम पर मासूमों की जान से खिलवाड़ करने वाले संचालकों के खिलाफ स्थायी कदम उठाए जाएं।










