Israel Hamas War 2026: इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने इजरायल और हमास के बीच जारी भीषण युद्ध को लेकर पहली बार आधिकारिक तौर पर मौतों के आंकड़े सार्वजनिक किए हैं। बुधवार को पेश की गई एक व्यापक रिपोर्ट के अनुसार, इस युद्ध के दौरान अब तक लगभग 70,000 गाजावासियों की मृत्यु हुई है। हालांकि, इजरायली सेना ने नागरिक मौतों के उन प्रतिशत पर गंभीर सवाल उठाए हैं जो संयुक्त राष्ट्र (UN) और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा पेश किए जा रहे हैं। आईडीएफ का स्पष्ट दावा है कि मारे गए कुल लोगों में से लगभग 25,000 सक्रिय हमास आतंकवादी थे, जिन्हें सटीक सैन्य ऑपरेशनों के दौरान ढेर किया गया है।
भुखमरी के आरोपों को आईडीएफ ने बताया ‘फर्जी’ और भ्रामक
इजरायल ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया और मानवाधिकार संगठनों के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि गाजा में सैकड़ों लोग भूख के कारण दम तोड़ रहे हैं। सेना की रिपोर्ट में तर्क दिया गया है कि गाजा में भुखमरी से किसी भी स्वस्थ व्यक्ति की मौत नहीं हुई है। आईडीएफ ने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय समूहों द्वारा दिए गए आंकड़े या तो मनगढ़ंत हैं या उनमें ऐसे बीमार लोगों को शामिल किया गया है जो युद्ध शुरू होने से पहले ही गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रस्त थे। सेना ने कुछ ऐसे मामले भी उजागर किए जहाँ सहायता अधिकारियों ने बच्चों की मौत का दावा किया था, लेकिन बाद की जाँच में वे जीवित मिले।
मानवीय सहायता का विवरण: लाखों टन भोजन और चिकित्सा सुविधा
इजरायल ने युद्ध के बीच गाजा में पहुंचाई गई मानवीय सहायता का व्यापक लेखा-जोखा भी दुनिया के सामने रखा है। आंकड़ों के अनुसार, अब तक 1,12,000 सहायता ट्रक गाजा भेजे जा चुके हैं, जिनमें 17 लाख टन भोजन और 18 लाख टेंट शामिल हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के मोर्चे पर, गाजा में 16 फील्ड अस्पताल संचालित किए जा रहे हैं और लगभग 6 लाख बच्चों को पोलियो के टीके लगाए गए हैं। सेना ने यह भी जानकारी दी कि 5,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय सहायता कर्मी गाजा में काम कर रहे हैं और 42,000 फिलिस्तीनियों को चिकित्सा उपचार हेतु अन्य देशों में जाने की अनुमति दी गई है।
हमास की गतिविधियों और रॉकेट मिसफायर से हुई मौतों का दावा
आईडीएफ ने सबूतों के साथ आरोप लगाया है कि 2024 की शुरुआत तक हमास द्वारा दागे गए 13% रॉकेट मिसफायर हुए, जो खुद गाजा के रिहायशी इलाकों में गिरे और कई फिलिस्तीनियों की मौत का कारण बने। इसके अतिरिक्त, सेना ने दावा किया कि हमास ने अपने उन राजनीतिक विरोधियों को भी निशाना बनाया जो इजरायली सेना के निकासी आदेशों का पालन कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की कोशिश कर रहे थे। इजरायल का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र के कुछ अधिकारियों ने राजनीतिक दबाव बनाने के लिए खाद्य असुरक्षा के आंकड़ों को काफी बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया है।
अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में जवाब देने की तैयारी और नेतृत्व परिवर्तन
गाजा में नागरिक मामलों को संभालने वाली संस्था COGAT के नेतृत्व में भी बड़ा बदलाव होने जा रहा है। वर्तमान प्रमुख मेजर-जनरल घसान अलियान जल्द ही सेवानिवृत्त होंगे और उनकी जगह पूर्व पुलिस अधिकारी योराम हलेवी कार्यभार संभालेंगे। इस बीच, इजरायल आगामी 12 मार्च को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) के समक्ष भुखमरी और नरसंहार जैसे आरोपों के खिलाफ गोपनीय रूप से विस्तृत साक्ष्य पेश करने की तैयारी कर रहा है। इजरायल का लक्ष्य इन आंकड़ों के जरिए यह साबित करना है कि वह अंतरराष्ट्रीय कानूनों के दायरे में रहकर अपनी सुरक्षा के लिए लड़ रहा है।
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