Israel Election 2026: ट्रंप का नेतन्याहू को समर्थन, ईरान पर दावों से बढ़ा सियासी सस्पेंस

इजरायल चुनाव 2026 से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर बेंजामिन नेतन्याहू के समर्थन में अपील की है। ईरान को लेकर ट्रंप के बड़े दावों ने सियासी बहस तेज कर दी है। क्या अमेरिकी राष्ट्रपति का समर्थन नेतन्याहू की सत्ता बचा पाएगा? जानिए चुनावी मुकाबले के पीछे की पूरी कहानी।

Israel Election 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 26, 2026

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Israel Election 2026 :  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के लोगों से प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के समर्थन में मतदान करने की अपील की है। सोशल मीडिया पर जारी संदेश में ट्रंप ने नेतन्याहू को ‘उत्कृष्ट योद्धा प्रधानमंत्री’ बताया और दोनों नेताओं के बीच मजबूत संबंधों का जिक्र किया। उन्होंने इजरायली मतदाताओं से चुनाव के दौरान नेतन्याहू के नेतृत्व और सैन्य अभियानों में उनकी भूमिका को याद रखने का आग्रह किया। उनके इस संदेश ने इजरायल की राजनीति और अमेरिका-इजरायल संबंधों को लेकर चर्चा तेज कर दी है।

ट्रंप ने सैन्य अभियानों को बताया बड़ी सफलता

अपने संदेश में ट्रंप ने कहा कि नेतन्याहू के साथ मिलकर उन्होंने कई महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल की हैं। उन्होंने वेनेजुएला में किए गए सैन्य हमले का उल्लेख करते हुए उसे इतिहास के सबसे सफल सैन्य अभियानों में से एक बताया। हालांकि, इन दावों का स्वतंत्र सत्यापन अलग से आवश्यक है। ट्रंप ने अपने प्रशासन की सैन्य कार्रवाइयों को सुरक्षा और रणनीतिक उपलब्धियों के रूप में पेश किया और इन्हें नेतन्याहू के समर्थन में अपने तर्क का हिस्सा बनाया।

ऑपरेशन मिडनाइट हैमर का भी किया उल्लेख

ट्रंप ने ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ का जिक्र करते हुए दावा किया कि इस कार्रवाई ने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने में भूमिका निभाई। उन्होंने ईरान को दुनिया का सबसे बड़ा आतंकवाद प्रायोजक देश बताते हुए कहा कि अमेरिकी कार्रवाई से क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूती मिली। ट्रंप के बयान में ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मध्य पूर्व में उसकी भूमिका को प्रमुखता दी गई। इन दावों और उनके प्रभाव को समझने के लिए आधिकारिक विवरण तथा स्वतंत्र रिपोर्टों की पुष्टि महत्वपूर्ण है।

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ऑपरेशन एपिक फ्यूरी और ईरान पर ट्रंप के दावे

अमेरिकी राष्ट्रपति ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ का उल्लेख करते हुए दावा किया कि ईरान की नौसेना और वायुसेना गंभीर रूप से कमजोर हो चुकी हैं। उन्होंने ईरान की सेना और अर्थव्यवस्था की स्थिति खराब होने की बात भी कही। ट्रंप ने देश में महंगाई दर 301 प्रतिशत होने का दावा किया और कहा कि नौसैनिक नाकेबंदी के कारण ईरान को तेल हासिल करने में कठिनाई हो रही है। उन्होंने ईरान के सैन्य तथा अन्य नेतृत्व के दो स्तर समाप्त होने की बात भी कही। इन आंकड़ों और सैन्य दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

नेतन्याहू को बताया उत्कृष्ट योद्धा प्रधानमंत्री

ट्रंप ने इजरायली मतदाताओं से मतदान के समय नेतन्याहू के नेतृत्व को ध्यान में रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि नेतन्याहू एक उत्कृष्ट योद्धा प्रधानमंत्री रहे हैं। अपने संदेश में ट्रंप ने उन नारों का भी उल्लेख किया, जिनमें अमेरिका को ‘बड़ा शैतान’ और इजरायल को ‘छोटा शैतान’ कहा जाता रहा है। उन्होंने दावा किया कि अब दुनिया में अमेरिका और इजरायल के खिलाफ ऐसे नारे सुनाई नहीं देंगे। यह टिप्पणी उन्होंने दोनों देशों की सुरक्षा और सैन्य सहयोग के संदर्भ में की।

‘शुरू किया गया काम पूरा करना है’

संदेश के अंत में ट्रंप ने इजरायल के लोगों से नेतन्याहू को प्रधानमंत्री चुनने की अपील दोहराई। उन्होंने कहा, “हमें वह काम पूरा करना है, जिसे हमने शुरू किया था।” ट्रंप ने यह भी बताया कि वह एक सप्ताह पहले नेतन्याहू के समर्थन में दिए गए अपने संदेश को फिर साझा कर रहे हैं। उनके बयान को इजरायल की चुनावी राजनीति में खुला समर्थन माना जा सकता है। हालांकि, चुनाव पर इसका वास्तविक प्रभाव मतदाताओं की प्रतिक्रिया और वहां के राजनीतिक घटनाक्रम पर निर्भर करेगा।