West Bengal Politics : शुभेंदु अधिकारी ने विपक्ष पर साधा निशाना, ‘ग्रेटर बांग्लादेश’ बनाने की योजना का लगाया आरोप

पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के बयान से सियासी हलचल तेज हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन पर तंज कसते हुए उन्होंने TMC पर भी गंभीर आरोप लगाए। 'ग्रेटर बांग्लादेश' का मुद्दा उठाने के बाद अब सवाल है कि विपक्ष इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया देगा और विवाद कितना बढ़ेगा?

West Bengal Politics

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 26, 2026

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West Bengal Politics : पश्चिम बंगाल की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध-प्रदर्शन को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर तंज कसते हुए लोगों से अपील की कि राज्य में कथित तौर पर राष्ट्रविरोधी विचारधारा फैलाने वाले समूहों को पनपने न दिया जाए। अपने बयान में उन्होंने ‘दिमागी नक्सल’, ‘टुकड़े-टुकड़े’ गैंग, कॉकरोच और दीमक जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। उनके इस बयान से राज्य की राजनीति में विवाद बढ़ने की संभावना है।

पिछली TMC सरकार पर तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप

शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को पश्चिम बंगाल की पिछली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसके शासनकाल में तुष्टीकरण की राजनीति को बढ़ावा दिया गया। उन्होंने दावा किया कि तत्कालीन सरकार को राष्ट्रवाद की समझ नहीं थी और उसकी नीतियां राज्य की सांस्कृतिक तथा राष्ट्रीय पहचान के विपरीत थीं। हालांकि, ये आरोप शुभेंदु अधिकारी की ओर से लगाए गए हैं और इन्हें राजनीतिक दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

‘ग्रेटर बांग्लादेश’ बनाने की योजना का लगाया आरोप

भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय के लिए भूमि पूजन कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने पिछली सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि राज्य को ‘ग्रेटर बांग्लादेश’ में बदलने की योजना बनाई जा रही थी। अधिकारी के अनुसार, तत्कालीन सरकार ने बंगाल के लिए अलग गीत तैयार किया, अलग झंडा डिजाइन किया और पड़ोसी देश बांग्लादेश के ‘जॉय बांग्ला’ नारे को अपनाया। उन्होंने इन कदमों को अपनी राजनीतिक आलोचना का आधार बनाया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि प्रस्तुत जानकारी में नहीं है।

SIR प्रक्रिया के विरोध पर भी साधा निशाना

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शनों पर भी शुभेंदु अधिकारी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की आलोचना करते हुए लोगों से एकजुट रहने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन करने की अपील की। अधिकारी ने कहा कि बंगाल में ऐसे तत्वों को जगह नहीं मिलनी चाहिए, जिन्हें वह राष्ट्रविरोधी या विभाजनकारी विचारधारा से जोड़ते हैं। उनके इस बयान ने मतदाता सूची पुनरीक्षण और राजनीतिक विरोध के मुद्दे पर चल रही बहस को और तेज कर दिया है।

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प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन में एकजुट होने की अपील

शुभेंदु अधिकारी ने अपने संबोधन में लोगों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़े रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी राजनीतिक बदलाव या विरोध को संवैधानिक दायरे में रहकर ही आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उनके बयान का उद्देश्य समर्थकों को एकजुट करना और राज्य की राजनीति में भाजपा के रुख को मजबूत करना माना जा रहा है। हालांकि, उनके वक्तव्य पर अन्य राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया इस विवाद की दिशा तय करने में अहम होगी।

‘रिजीम चेंज’ पर पहले भी दे चुके हैं बयान

इससे पहले भी शुभेंदु अधिकारी ने ‘रिजीम चेंज’ यानी सत्ता परिवर्तन को लेकर अपनी बात रखी थी। उन्होंने लोगों से प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा था कि भारत में लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा और संवैधानिक व्यवस्था महत्वपूर्ण है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में कुछ लोगों का अचानक राष्ट्रपति भवन या संसद में प्रवेश कर जाना स्वीकार्य नहीं होगा और ऐसी किसी घटना का देश के बड़े हिस्से के लोग विरोध करेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के बयानों को लोकतंत्र मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम बताया।

बंगाल की राजनीति में आगे क्या होगा?

शुभेंदु अधिकारी के इन बयानों के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक टकराव और बढ़ सकता है। एक ओर भाजपा राष्ट्रवाद और शासन से जुड़े मुद्दों को उठा रही है, वहीं दूसरी ओर SIR प्रक्रिया तथा विपक्षी प्रदर्शनों को लेकर बहस जारी है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि विपक्षी दल इन आरोपों का क्या जवाब देते हैं और यह विवाद आने वाले राजनीतिक घटनाक्रम को किस तरह प्रभावित करता है।

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