
Jammu Kashmir में सर्दियों के मौसम के दौरान संभावित आतंकी घुसपैठ को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। खुफिया इनपुट के अनुसार, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) स्थित लॉन्चपैड पर बड़ी संख्या में आतंकियों की मौजूदगी की आशंका जताई गई है। सुरक्षा एजेंसियों को अंदेशा है कि बर्फबारी और कठिन मौसम के बावजूद सीमा पार से घुसपैठ की कोशिशें हो सकती हैं। इस संभावित खतरे को देखते हुए भारतीय सेना और अन्य सुरक्षा बलों ने नियंत्रण रेखा (LoC) पर निगरानी बढ़ा दी है।
छोटे समूहों में आतंकियों को बांटने की आशंका
खुफिया सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, आतंकियों को छोटे-छोटे समूहों में बांटे जाने की बात कही गई है। प्रत्येक समूह में तीन से चार आतंकियों के शामिल होने की आशंका है। बताया जा रहा है कि इस रणनीति का उद्देश्य सुरक्षा बलों की नजर से बचकर सीमा पार करने की कोशिश करना हो सकता है। इनपुट में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े आतंकियों की मौजूदगी का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

बर्फबारी के बावजूद दिसंबर में घुसपैठ की आशंका
सर्दियों में जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी के कारण कई रास्तों पर आवाजाही मुश्किल हो जाती है। इसके बावजूद खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि आतंकी दिसंबर के दौरान भी घुसपैठ की कोशिश कर सकते हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आतंकियों को बर्फीले और दुर्गम क्षेत्रों में गतिविधियां संचालित करने के लिए विशेष उपकरण उपलब्ध कराए जाने की आशंका है। सुरक्षा एजेंसियां मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सीमा पर गतिविधियों की निगरानी कर रही हैं।

घुसपैठ के रास्तों की निगरानी के लिए ड्रोन इस्तेमाल का दावा
सूत्रों के अनुसार, सीमा पार घुसपैठ के संभावित रास्तों की जानकारी जुटाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किए जाने की आशंका है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि आतंकियों को भारतीय सेना की गतिविधियों से संबंधित वास्तविक समय की जानकारी उपलब्ध कराई जा सकती है। इसके अलावा, लॉन्चपैड के आसपास पाकिस्तानी सैनिकों की तैनाती देखे जाने की बात भी सामने आई है। इन सूचनाओं के आधार पर सुरक्षा एजेंसियां नियंत्रण रेखा के संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बरत रही हैं।

खुफिया एजेंसियों का आकलन
खुफिया इनपुट में पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और बलूचिस्तान में जारी अशांति का भी उल्लेख किया गया है। सूत्रों के अनुसार, आशंका है कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक चुनौतियों से ध्यान हटाने के लिए जम्मू-कश्मीर में तनाव बढ़ाने की कोशिश कर सकता है। हालांकि, यह आकलन खुफिया सूचनाओं पर आधारित है और इसे किसी पुष्ट सरकारी निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
LoC पर बढ़ी चौकसी, सुरक्षा व्यवस्था पर नजर
संभावित घुसपैठ की आशंकाओं के बीच भारतीय सेना और सुरक्षा एजेंसियां नियंत्रण रेखा पर निगरानी बनाए हुए हैं। संवेदनशील इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और घुसपैठ की कोशिशों को रोकने पर जोर दिया जा रहा है। सर्दियों में मौसम की कठिन परिस्थितियां सुरक्षा व्यवस्था के लिए अतिरिक्त चुनौती पेश करती हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में सीमा पर सुरक्षा उपायों की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। फिलहाल, सामने आई जानकारी खुफिया इनपुट और सूत्रों के दावों पर आधारित है।











