Alireza Tangsiri Death : मध्य-पूर्व में जारी भीषण युद्ध के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया के रक्षा विशेषज्ञों को चौंका दिया है। इजरायल के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने दावा किया है कि ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) नेवी के प्रमुख, अलीरेजा तंगसिरी (Alireza Tangsiri) एक घातक हमले में मारे गए हैं। इजरायली सेना के मुताबिक, यह कार्रवाई ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बंदर अब्बास (Bandar Abbas) क्षेत्र में की गई एक एयर स्ट्राइक के दौरान हुई। यदि इस खबर की पुष्टि आधिकारिक तौर पर होती है, तो यह ईरान के सैन्य ढांचे के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका साबित हो सकता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की साजिश के पीछे था तंगसिरी का हाथ
इजरायली सैन्य अधिकारियों का कहना है कि अलीरेजा तंगसिरी केवल एक नौसेना प्रमुख नहीं थे, बल्कि वे विश्व व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण रास्तों में से एक, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने की योजना के मुख्य सूत्रधार थे। इजरायल का आरोप है कि तंगसिरी लगातार अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात को बाधित करने और तेल की आपूर्ति रोकने की धमकियां दे रहे थे। इजरायल ने इस स्ट्राइक को अपनी सुरक्षा और वैश्विक समुद्री व्यापार की रक्षा के लिए एक ‘प्रिवेंटिव एक्शन’ (निवारक कार्रवाई) के रूप में पेश किया है।
ईरान की रहस्यमयी चुप्पी: क्या वाकई मारा गया IRGC का सबसे ताकतवर कमांडर?
इस बड़े दावे के बावजूद, तेहरान से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ईरान की सरकारी मीडिया और IRGC ने तंगसिरी की मौत या बंदर अब्बास पर हुई किसी भी इजरायली सैन्य स्ट्राइक पर पूरी तरह चुप्पी साध रखी है। आमतौर पर ईरान अपने शीर्ष कमांडरों पर हुए हमलों को तुरंत स्वीकार नहीं करता है। रक्षा जानकारों का मानना है कि ईरान वर्तमान में अपनी आंतरिक सुरक्षा स्थिति का आकलन कर रहा है और जवाबी कार्रवाई की योजना बना रहा है। इस चुप्पी ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के गलियारों में सस्पेंस और तनाव को और अधिक बढ़ा दिया है।
2018 से संभाल रहे थे कमान: तंगसिरी का आक्रामक और विद्रोही सफर
बता दें कि अलीरेजा तंगसिरी अगस्त 2018 से IRGC नेवी की कमान संभाल रहे थे। पिछले छह वर्षों में उन्होंने फारस की खाड़ी में ईरान की सैन्य उपस्थिति को बेहद आक्रामक बना दिया था। हाल के हफ्तों में, होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास ईरानी गतिविधियों में जो तेजी देखी गई थी, उसके पीछे तंगसिरी की रणनीति ही काम कर रही थी। उन्होंने बार-बार अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को चेतावनी दी थी कि वे खाड़ी क्षेत्र से दूर रहें, अन्यथा उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
अमेरिकी ठिकानों को दी थी धमकी: हालिया दिनों में बढ़ा था जुबानी जंग का स्तर
अपनी मौत के कथित दावे से ठीक एक हफ्ते पहले, तंगसिरी ने खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर सीधे जवाबी हमले की धमकी दी थी। उन्होंने स्थानीय नागरिकों और कर्मचारियों को चेतावनी दी थी कि वे अमेरिकी ठिकानों से दूर रहें क्योंकि ईरान किसी भी समय हमला कर सकता है। तंगसिरी का यह रवैया इजरायल और पश्चिम के लिए एक बड़ा सिरदर्द बना हुआ था। अब उनकी मौत के दावों के बाद, मध्य-पूर्व में एक नए और अधिक खतरनाक संघर्ष के शुरू होने की आशंका जताई जा रही है।
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