Mossad Spies Iran : ईरान में IRGC की बड़ी कार्रवाई, मोसाद के संदिग्ध जासूसों समेत 240 लोग गिरफ्तार

ईरान के दो प्रांतों में IRGC ने एक साथ धावा बोलकर लगभग 240 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इनमें मोसाद से जुड़े 4 जासूस और मिसाइल साइटों की जानकारी भेजने वाला एक मुख्य आरोपी शामिल है। क्या यह गिरफ्तारी ईरान के अंदरूनी सुरक्षा चक्र में लगी बड़ी सेंध का संकेत है?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 25, 2026

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Mossad Spies Iran :  ईरान की सबसे शक्तिशाली सैन्य इकाई, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से एक व्यापक सैन्य अभियान चलाया है। इस सघन तलाशी अभियान और छापेमारी के दौरान सुरक्षा बलों ने दो प्रमुख प्रांतों से लगभग 240 लोगों को हिरासत में लिया है। ईरानी समाचार एजेंसी ‘मेहर न्यूज़’ और अंतरराष्ट्रीय मीडिया आउटलेट ‘अल जज़ीरा’ के अनुसार, यह कार्रवाई कुर्दिस्तान और केरमानशाह प्रांतों में अंजाम दी गई है।

केरमानशाह में सुरक्षा बलों का प्रहार: 155 गिरफ्तार

ईरान के केरमानशाह प्रांत में IRGC ने एक सुनियोजित छापेमारी करते हुए 155 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। सुरक्षा बल का दावा है कि पकड़े गए सभी व्यक्ति ‘क्रांति-विरोधी’ (एंटी-रिवोल्यूशनरी) समूहों से जुड़े हुए हैं और देश की स्थिरता को नुकसान पहुँचाने की साजिश रच रहे थे। इस गिरफ़्तारी की सबसे गंभीर बात यह है कि इनमें चार ऐसे व्यक्ति शामिल हैं, जिन पर इज़राइली खुफिया एजेंसी ‘मोसाद’ के लिए जासूसी करने का गहरा संदेह है। तेहरान का मानना है कि ये संदिग्ध जासूस विदेशी ताकतों को संवेदनशील सैन्य जानकारियां लीक करने की फिराक में थे।

कुर्दिस्तान प्रांत में मुठभेड़ और गिरफ्तारियां

सुरक्षा बलों ने कुर्दिस्तान प्रांत में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई की। यहाँ रेड के दौरान सुरक्षा बलों और हथियारबंद गुटों के बीच झड़प की खबरें भी सामने आई हैं। IRGC ने दावा किया है कि इस अभियान में एक कुर्दिश हथियारबंद फाइटर को मार गिराया गया है, जबकि 11 अन्य सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा, क्षेत्र में चलाए गए अन्य तलाशी अभियानों में 70 और लोगों को हिरासत में लिया गया, जिससे कुल गिरफ्तारियों का आंकड़ा 240 तक पहुँच गया।

हथियारों का जखीरा ज़ब्त और कड़ा संदेश

इस बड़े सैन्य अभियान के दौरान IRGC ने केवल गिरफ्तारियां ही नहीं कीं, बल्कि भारी मात्रा में अवैध हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया है। ज़ब्त किए गए हथियारों में आधुनिक राइफलें, विस्फोटक और संचार उपकरण शामिल हैं। तेहरान सरकार ने इस कार्रवाई पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि यह उन तत्वों के खिलाफ एक चेतावनी है जो ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता में रुकावट डालने की योजना बना रहे हैं। सरकार ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की आतंकी या अलगाववादी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

तेहरान में जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़

राजधानी तेहरान से भी एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ पुलिस ने एक व्यक्ति को देशद्रोह और जासूसी के आरोपों में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि यह व्यक्ति हाल ही में ईरान पर हुए मिसाइल हमलों से जुड़ी गोपनीय जानकारी और नुकसान के दस्तावेज़ इकट्ठा कर रहा था। पुलिस के अनुसार, वह इन संवेदनशील दस्तावेज़ों को ‘दुश्मन नेटवर्क’ को भेजने की कोशिश कर रहा था ताकि हमलों के प्रभाव का आकलन किया जा सके। इस गिरफ्तारी ने यह संकेत दिया है कि विदेशी एजेंसियां ईरान के भीतर अपना नेटवर्क सक्रिय करने का प्रयास कर रही हैं।

आंतरिक और बाहरी चुनौतियों से जूझता ईरान

IRGC की यह हालिया कार्रवाई दर्शाती है कि ईरान इस समय दोतरफा चुनौतियों का सामना कर रहा है। एक तरफ जहाँ उसे बाहरी देशों (जैसे इज़राइल और अमेरिका) से सैन्य खतरों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ आंतरिक स्तर पर जासूसी और हथियारबंद विद्रोह उसके लिए सिरदर्द बने हुए हैं। 240 लोगों की यह सामूहिक गिरफ्तारी और मोसाद के संदिग्धों का पकड़ा जाना ईरान की सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी को दर्शाता है, लेकिन साथ ही यह क्षेत्र में बढ़ते तनाव और अविश्वास की गहरी होती खाई को भी उजागर करता है।

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