IRCTC E-Catering: अब ट्रेन में ही मिलेगा नामी ब्रांड का खाना, वेस्ट जोन का है बड़ा योगदान

भोपाल अब ट्रेन यात्रा सिर्फ मंजिल तक पहुंचने का सफर नहीं रही, बल्कि स्वाद और सुविधा का नया अनुभव बन चुकी है। पहले लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों, खासकर युवाओं को सफर के दौरान अच्छे और मनपसंद खाने की तलाश रहती थी, लेकिन उनके पास ट्रेन का तयशुदा खाना ही एकमात्र विकल्प होता था, लेकिन भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम लिमिटेड (आईआरसीटीसी) की ई-कैटरिंग सेवा ने आनबोर्ड खानपान के अनुभव को पूरी तरह बदल दिया है। अब यात्रियों को स्टेशन के स्टाल्स पर भीड़ लगाने या सीमित विकल्पों से समझौता करने की जरूरत नहीं पड़ती। वे अपनी

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Published On :

जनवरी 10, 2026

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भोपाल

अब ट्रेन यात्रा सिर्फ मंजिल तक पहुंचने का सफर नहीं रही, बल्कि स्वाद और सुविधा का नया अनुभव बन चुकी है। पहले लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों, खासकर युवाओं को सफर के दौरान अच्छे और मनपसंद खाने की तलाश रहती थी, लेकिन उनके पास ट्रेन का तयशुदा खाना ही एकमात्र विकल्प होता था, लेकिन भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम लिमिटेड (आईआरसीटीसी) की ई-कैटरिंग सेवा ने आनबोर्ड खानपान के अनुभव को पूरी तरह बदल दिया है।

अब यात्रियों को स्टेशन के स्टाल्स पर भीड़ लगाने या सीमित विकल्पों से समझौता करने की जरूरत नहीं पड़ती। वे अपनी सीट पर बैठे-बैठे विश्वसनीय ब्रांडों और अधिकृत रेस्तरां से अपनी पसंद का भोजन आर्डर कर सकते हैं। अब यह मजबूरी खत्म हो चुकी है। भोपाल मंडल में यह सेवा तेजी से लोकप्रिय हो रही है, जहां शहर के 12 वेंडरों को भी ई-कैटरिंग सेवा से जोड़ा गया है।

पहले आर्डर एसएमएस और कॉल सेंटर से लिए जाते थे

आइआरसीटीसी ई-कैटरिंग सेवा की शुरुआत 25 सितंबर 2014 को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में हुई थी। पहले आर्डर एसएमएस और काल सेंटर से लिए जाते थे, लेकिन अब यह एक पूरी तरह डिजिटल प्लेटफार्म बन चुकी है। यात्री वेबसाइट, फूड आन ट्रैक ऐप, टोल-फ्री नंबर 1323 और व्हाट्सएप के जरिए आर्डर कर सकते हैं। प्री-पेड और कैश आन डिलीवरी दोनों विकल्प हैं। ओटीपी सिस्टम से भोजन सुरक्षित रूप से सीट तक पहुंचाया जाता है।
देशभर के 300 से अधिक स्टेशनों पर उपलब्ध है ई-कैटरिंग सेवाएं

वर्तमान में आइआरसीटीसी की ई-कैटरिंग सेवाएं देशभर के 300 से अधिक स्टेशनों पर उपलब्ध हैं। भोपाल से गुजरने वाले प्रमुख रूट्स पर यात्रियों को भारतीय, दक्षिण भारतीय, चीनी, कान्टिनेंटल और बिरयानी जैसे लोकप्रिय व्यंजनों के कई विकल्प मिल रहे हैं। आईआरसीटीसी ने देश के 11 नामी फूड ब्रांडों और अग्रणी एग्रीगेटर्स के साथ साझेदारी की है। इसके अलावा 15 या उससे अधिक यात्रियों के लिए बल्क आर्डर सुविधा भी है, जिसमें कस्टमाइज्ड मेनू और किफायती दरों पर सीट तक डिलीवरी की जाती है।
रोज 1.20 लाख भोजन हो रहे बुक

देशभर में रोज करीब 1.20 लाख भोजन आईआरसीटीसी ई-कैटरिंग से बुक हो रहे हैं। इसमें वेस्ट जोन का बड़ा योगदान है, जहां से लगभग 35,000 मील रोजाना आर्डर होते हैं। भोपाल जैसे शहरों में यात्रियों को अब सीट से उठे बिना साफ और अच्छा खाना मिल जाता है, जिससे यात्रा ज्यादा आरामदायक बन गई है।
आर्डर न मिलने पर मिलता है रिफंड

आईआरसीटीसी की ई-कैटरिंग सेवा में यात्रियों की शिकायतों का समाधान बहुत आसान है। अगर खाना गलत आ जाए या डिलीवरी में देरी हो, तो यात्री 1323 हेल्पलाइन, मोबाइल ऐप या वॉट्सएप नंबर 91-8750001323 पर तुरंत शिकायत दर्ज कर सकते हैं। आईआरसीटीसी टीम जांच कर जल्दी समाधान करती है और जरूरत पड़ने पर रिफंड या सही आर्डर उपलब्ध कराती है।
स्टेशन पर उतरकर खाना ढूंढना पड़ता था

    मैं ज्यादातर सफर ट्रेन से करती हूं। मैंने देखा है कि पहले ट्रेन में साफ और पसंद का खाना मिलना मुश्किल होता था। स्टेशन पर उतरकर भीड़ में खाना ढूंढना पड़ता था। अब आईआरसीटीसी ई-कैटरिंग से सीट पर ही गर्म, ताजा और भरोसेमंद भोजन मिल जाता है, जिससे यात्रा काफी आसान और आरामदायक हो गई है। – निशा कश्यप, छात्रा
    खाना सीधे सीट तक दिया जाता है

    आईआरसीटीसी ई-कैटरिंग में यात्रियों की सेहत और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाता है। सभी वेंडर्स के पास एफएसएसएआई लाइसेंस होता है और साफ-सफाई के नियमों का पालन किया जाता है। आईआरसीटीसी नियमित जांच करता है, ताकि खाना ताजा, सुरक्षित और समय पर पहुंचे। ओटीपी सिस्टम से खाना सीधे सीट तक दिया जाता है, जिससे भरोसा बना रहता है। – एके सिंह, पीआरओ, आईआरसीटीसी, रेलवे

 

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