Mohan Yadav vs Rahul Gandhi: रोजगार-शिक्षा पर सीएम का पलटवार, बोले- तथ्यों के साथ करें संवाद

ईरान ने अमेरिका के सामने बातचीत शुरू करने के लिए सात शर्तें रखी हैं और शर्तें खारिज होने पर निर्णायक युद्ध की चेतावनी दी है। इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप तय कार्यक्रम से पहले कैंप डेविड छोड़कर व्हाइट हाउस लौट आए। अब दुनिया की नजरें ट्रंप के अगले फैसले पर टिकी हैं।

Mohan Yadav vs Rahul Gandhi

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 20, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

Mohan Yadav vs Rahul Gandhi: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में आयोजित कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को ‘झूठ की गूंज’ बताते हुए कहा कि बच्चों, युवाओं और शिक्षा जैसे विषयों पर चर्चा करते समय तथ्यों और आंकड़ों को सामने रखना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में वास्तविक आंकड़ों की जगह भ्रम पैदा करने की कोशिश की गई।

शिक्षा व्यवस्था में बदलाव का मुख्यमंत्री ने किया दावा

डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश की स्कूल शिक्षा व्यवस्था में हुए बदलावों का उल्लेख किया। उन्होंने सांदीपनि विद्यालयों समेत सरकार की विभिन्न योजनाओं और पहलों की जानकारी देते हुए कहा कि स्कूलों में ड्रॉपआउट कम करने और इसे शून्य तक लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र की उपलब्धियों को सरकारी आंकड़ों के जरिए सामने रखने की बात कही।

स्कूल शिक्षा बजट में कई गुना बढ़ोतरी का दावा

मुख्यमंत्री के मुताबिक वर्ष 2002-03 में मध्य प्रदेश का स्कूल शिक्षा बजट करीब 2 हजार करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 38,658 करोड़ रुपये हो चुका है। उन्होंने इसी अवधि के दौरान स्कूल ड्रॉपआउट दर का भी जिक्र किया। उनके अनुसार 2002-03 में प्रदेश की ड्रॉपआउट दर करीब 16 प्रतिशत थी। मुख्यमंत्री ने इन आंकड़ों को शिक्षा क्षेत्र में हुए विस्तार और सरकारी निवेश से जोड़कर प्रस्तुत किया।

विद्यार्थियों के लिए सुविधाओं का किया उल्लेख

मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में विद्यार्थियों को शिक्षा जारी रखने के लिए कई तरह की सुविधाएं दी जा रही हैं। इनमें गणवेश, स्कूल आने-जाने के लिए साइकिल और मेधावी विद्यार्थियों के लिए लैपटॉप तथा स्कूटी जैसी योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कांग्रेस शासन के दौरान छात्रों को मिलने वाली ऐसी सुविधाओं पर सवाल उठाया और कहा कि वर्तमान सरकार विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखकर योजनाएं चला रही है।

मेडिकल कॉलेज और सीटों में वृद्धि का दावा

मुख्यमंत्री ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में हुए विस्तार के आंकड़े भी साझा किए। उन्होंने कहा कि 1956 से 2002-03 तक मध्य प्रदेश में केवल पांच मेडिकल कॉलेज थे। उनके अनुसार अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के समय प्रदेश को एक और मेडिकल कॉलेज मिला। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वर्तमान में राज्य में 33 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं और मेडिकल सीटों की संख्या करीब 680 से बढ़कर 7 हजार से अधिक हो गई है।

प्रति व्यक्ति आय और बिजली उत्पादन में वृद्धि

मोहन यादव ने मध्य प्रदेश की आर्थिक स्थिति में बदलाव का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार 2002-03 में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय लगभग 11 हजार रुपये थी, जो अब बढ़कर 1.59 लाख रुपये हो चुकी है। इसी तरह बिजली उत्पादन क्षमता का आंकड़ा बताते हुए उन्होंने कहा कि उस समय राज्य में करीब 5 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन होता था, जबकि अब क्षमता लगभग 32 हजार मेगावाट तक पहुंच गई है।

सरकारी भर्तियों और रोजगार पर सरकार का पक्ष

रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी विभागों में जारी भर्ती प्रक्रिया का उल्लेख किया। उन्होंने पुलिस विभाग में करीब 18 हजार पदों पर भर्ती की जानकारी दी और कहा कि लगभग 10 हजार युवाओं को प्रशिक्षण देकर पुलिस सेवा से जोड़ा जा रहा है। इसके अलावा स्कूल शिक्षा विभाग में 10 हजार भर्तियों और करीब 7 हजार प्राध्यापकों की भर्ती का भी उन्होंने उल्लेख किया।

तथ्यों के आधार पर संवाद की अपील

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने एक लाख से अधिक पदों पर प्रमोशन किए हैं और हर वर्ष एक लाख नए पद सृजित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने राहुल गांधी से जुड़े कार्यक्रम के संदर्भ में कहा कि यदि नेता प्रतिपक्ष मध्य प्रदेश के लोगों से संवाद करना चाहते हैं तो शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास जैसे विषयों पर तथ्यों तथा आंकड़ों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए।

छात्रों के मुद्दों पर राजनीतिक बहस तेज

राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम के बाद छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शिक्षा, परीक्षा और रोजगार से जुड़े सवाल उठाए गए, जबकि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सरकार की योजनाओं और आंकड़ों को सामने रखते हुए अपना पक्ष रखा। इस घटनाक्रम के बाद मध्य प्रदेश में शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर सियासी बहस आगे बढ़ने की संभावना है।

Read More  :  Iran US War: ईरान की सात शर्तों से बढ़ा तनाव, ट्रंप की वापसी के बीच युद्ध का खतरा गहराया

2