ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ा, ट्रंप बोले,शांति समझौता नहीं हुआ तो गंभीर परिणाम होंगे

अमेरिका अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अगर शांति समझौता जल्द नहीं हुआ तो तेहरान के लिए बहुत बुरा समय आने वाला है। फ्रांसीसी ब्रॉडकास्टर को दिए गए टेलीफोनिक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरान को समझौते में दिलचस्पी रखनी चाहिए। उनका बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता में बातचीत चल रही है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने नई दिल्ली में कहा कि ट्रंप प्रशासन से संदेश आए हैं जिसमें बातचीत जारी रखने की इच्छा जताई गई है, लेकिन अमेरिका पर गहरे अविश्वास की

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Published On :

मई 17, 2026

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अमेरिका

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अगर शांति समझौता जल्द नहीं हुआ तो तेहरान के लिए बहुत बुरा समय आने वाला है। फ्रांसीसी ब्रॉडकास्टर को दिए गए टेलीफोनिक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरान को समझौते में दिलचस्पी रखनी चाहिए। उनका बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता में बातचीत चल रही है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने नई दिल्ली में कहा कि ट्रंप प्रशासन से संदेश आए हैं जिसमें बातचीत जारी रखने की इच्छा जताई गई है, लेकिन अमेरिका पर गहरे अविश्वास की वजह से प्रक्रिया धीमी हो रही है।

डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बावजूद ईरान ने अमेरिका पर दो बार हमला करने का आरोप लगाया है, खासकर परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी पुरानी वार्ताओं के दौरान। अराघची ने वाशिंगटन के विरोधाभासी संकेतों को बातचीत में बाधा बताया। उन्होंने चीन जैसे देशों के कूटनीतिक समर्थन का स्वागत किया और क्षेत्रीय शांति के लिए भारत की बड़ी भूमिका की मांग की। वहीं, ईरान के संसद स्पीकर और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बागेर घालिबाफ ने कहा कि अमेरिका को ईरान के 14 सूत्री प्रस्ताव को स्वीकार करना चाहिए, नहीं तो उसे असफलता का सामना करना पड़ेगा।

राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले ईरानी प्रस्ताव को खारिज करते हुए युद्धविराम को जीवन रक्ष' पर बताया था। इस बीच, मध्य पूर्व में तनाव जारी है। इजरायल ने हाल ही में विस्तारित युद्धविराम के बावजूद दक्षिणी लेबनान में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। लेबनानी मीडिया के अनुसार, 50 किलोमीटर से ज्यादा दूर के दो दर्जन से अधिक गांवों पर हमले हुए। इजराइली सेना ने हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बताया और कई गांवों के लिए निकासी चेतावनी जारी की। इन हमलों से सैकड़ों नागरिक बेघर हो गए और सिदोन व बेरूत की ओर पलायन शुरू हो गया।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने युद्धविराम के विस्तार का स्वागत किया और सभी पक्षों से इसे पूरी तरह मानने की अपील की। युद्धविराम 17 अप्रैल को शुरू हुआ था और शुक्रवार को 45 दिनों के लिए बढ़ाया गया, लेकिन इसका उल्लंघन बार-बार हो रहा है। लेबनान के अनुसार, युद्ध शुरू होने से अब तक 2900 से ज्यादा लोग मारे गए, जिनमें युद्धविराम के बाद 400 से अधिक शामिल हैं। हिजबुल्लाह ने इजरायल पर हमले जारी रखे हैं। ईरान-अमेरिका वार्ता की सफलता न केवल क्षेत्रीय स्थिरता बल्कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी अहम है। दोनों पक्षों को अविश्वास दूर कर ठोस कदम उठाने होंगे, वरना स्थिति और बिगड़ सकती है।

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