Iran US Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव गहराता नजर आ रहा है। लंबे समय तक चले संघर्ष के बाद कुछ समय के लिए शांत हुआ विवाद अब दोबारा हिंसक टकराव में बदलता दिखाई दे रहा है। अमेरिका की ओर से ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने के दावे के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई का दावा किया है।
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार, 31 अगस्त को ईरान के खार्ग आइलैंड को लेकर बड़ा दावा किया। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिकी हमले में खार्ग आइलैंड को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है। उन्होंने इस दावे से जुड़ा एक वीडियो अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ’ पर भी साझा किया।
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ट्रंप ने वीडियो शेयर कर किया दावा
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पोस्ट में खार्ग आइलैंड को लेकर बेहद कड़ा दावा किया। उन्होंने लिखा कि द्वीप के पूरी तरह परखच्चे उड़ गए हैं। उनके पोस्ट के साथ साझा किया गया वीडियो एनिमेटेड नजर आता है, इसलिए उसमें दिखाई गई तस्वीरों को वास्तविक घटनास्थल के प्रत्यक्ष दृश्य के रूप में नहीं माना जा सकता। अमेरिका की ओर से ईरान के कई ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। वहीं दूसरी तरफ ईरान की ओर से भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया गया है।
ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि लारक आइलैंड पर अमेरिकी कार्रवाई के बाद उसने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया। इस बीच जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसके हवाई क्षेत्र में दाखिल हुईं आठ मिसाइलों को रोक दिया गया। इस घटनाक्रम के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है।
लारक आइलैंड पर अमेरिका की कार्रवाई
अमेरिकी सेना ने रविवार को ईरान के लारक आइलैंड पर मौजूद दो लॉन्चरों को निशाना बनाने का दावा किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM के प्रवक्ता टिम हॉकिन्स के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने IRGC के जवानों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री बारूदी सुरंगों के साथ रॉकेट लॉन्च करने की तैयारी करते हुए देखा था।
अमेरिकी पक्ष का कहना है कि संभावित खतरे को देखते हुए इन लॉन्चरों को निशाना बनाया गया। CENTCOM ने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना इस पूरे क्षेत्र पर करीबी नजर बनाए हुए है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर क्यों है नजर?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव बढ़ने पर तेल और अन्य ऊर्जा संसाधनों की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका रहती है। अमेरिकी सेना का कहना है कि वह इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैयार है।
फिर बढ़ रहा अमेरिका-ईरान तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय तक चले संघर्ष के बाद हालात कुछ समय के लिए शांत हुए थे। हालांकि, ताजा सैन्य कार्रवाइयों और दोनों पक्षों की ओर से किए जा रहे दावों ने क्षेत्र में तनाव फिर बढ़ा दिया है। अब खार्ग आइलैंड को लेकर ट्रंप का दावा, लारक आइलैंड पर अमेरिकी कार्रवाई और जॉर्डन में मिसाइल हमलों के घटनाक्रम ने पश्चिम एशिया की स्थिति को एक बार फिर बेहद संवेदनशील बना दिया है। आने वाले दिनों में दोनों देशों के अगले कदम पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।
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