Ankit Baliyan Murder: अंकित बालियान केस में एनकाउंटर पर सियासत तेज, सपा ने उठाए सवाल

अंकित बालियान हत्याकांड के दो कथित आरोपियों के शामली में एनकाउंटर में मारे जाने के बाद सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने मुठभेड़ की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है। वहीं पुलिस का दावा है कि संदिग्धों ने पहले फायरिंग की थी।

अंकित बालियान केस में एनकाउंटर पर सियासत तेज

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अगस्त 31, 2026

Ankit Baliyan Murder: उत्तर प्रदेश के शामली में हरियाणवी गायक अंकित बालियान हत्याकांड के दो कथित आरोपियों की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद अब इस कार्रवाई को लेकर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी ने एनकाउंटर की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है। पार्टी की ओर से कहा गया है कि यह पता लगाया जाना जरूरी है कि आखिर किन हालात में पुलिस को मुठभेड़ करनी पड़ी।

अंकित बालियान हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस जिन संदिग्ध आरोपियों की तलाश कर रही थी, उनमें से मोहित और सुमित की मुठभेड़ के दौरान मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वे हत्याकांड में कथित तौर पर शामिल थे।

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सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने उठाए सवाल

फैजाबाद से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने एनकाउंटर को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पुलिस मुठभेड़ किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच होनी चाहिए।अवधेश प्रसाद के मुताबिक, यह समझना जरूरी है कि ऐसी कौन-सी स्थिति बनी, जिसके कारण पुलिस को मुठभेड़ करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि यह पूरा घटनाक्रम जांच का विषय है और इसकी परिस्थितियों की निष्पक्ष तरीके से पड़ताल होनी चाहिए।

सपा सांसद ने कानून और न्यायपालिका की प्रक्रिया का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति पर गंभीर अपराध का आरोप है और अदालत में अपराध साबित हो जाता है, तो कानून के तहत उसे मृत्युदंड या आजीवन कारावास जैसी सजा दी जा सकती है। उन्होंने दोहराया कि एनकाउंटर से पहले पैदा हुई परिस्थितियों की जांच बेहद जरूरी है।

पुलिस ने एनकाउंटर को लेकर क्या बताया?

वहीं, शामली पुलिस ने मुठभेड़ को लेकर अपनी अलग जानकारी दी है। पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह के मुताबिक, शामली कोतवाली क्षेत्र में पुलिस टीम संदिग्ध लोगों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी।इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोकने की कोशिश की। पुलिस का दावा है कि संदिग्धों ने रुकने के बजाय पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।

पुलिस के अनुसार, जवाबी कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई। इस कार्रवाई के दौरान दोनों संदिग्धों को गोली लगी और वे घायल हो गए। पुलिस टीम ने दोनों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मोहित और सुमित की हुई पहचान

पुलिस ने मृतकों की पहचान मोहित और सुमित के तौर पर की है। पुलिस का कहना है कि दोनों अंकित बालियान हत्याकांड में शामिल थे और उनकी गिरफ्तारी के लिए 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि हत्याकांड को अंजाम देने में दोनों की क्या भूमिका थी और वारदात किस तरह की गई।

एनकाउंटर के बाद बढ़ी सियासी हलचल

अंकित बालियान हत्याकांड के बाद पुलिस की कार्रवाई पर पहले से नजर बनी हुई थी। अब दो आरोपियों की मुठभेड़ में मौत के बाद राजनीतिक बहस भी शुरू हो गई है। एक तरफ पुलिस इसे संदिग्धों की ओर से की गई फायरिंग के जवाब में आत्मरक्षा की कार्रवाई बता रही है, वहीं समाजवादी पार्टी ने मुठभेड़ की परिस्थितियों की जांच की मांग की है। ऐसे में आने वाले समय में जांच और पुलिस की कार्रवाई से जुड़े तथ्यों पर सबकी नजर रहेगी।

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