Iran Nuclear Sites: अमेरिका की ओर से संभावित सैन्य कार्रवाई की आशंका के बीच ईरान के परमाणु ठिकानों पर गतिविधियां तेज हो गई हैं। बीते 24 घंटों में सामने आई सैटेलाइट तस्वीरों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। इन तस्वीरों में ईरान के इस्फहान शहर में स्थित परमाणु केंद्र पर असामान्य हलचल साफ देखी जा सकती है। यही वह संवेदनशील ठिकाना है, जिसे पिछले साल हुए अमेरिकी हमले में भारी नुकसान पहुंचा था।इंस्टीट्यूट फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने एक बार फिर इस्फहान परमाणु केंद्र के अंडरग्राउंड परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार को मिट्टी से भरकर बंद कर दिया है। इतना ही नहीं, दक्षिणी प्रवेश द्वार पर भी ताजा मिट्टी डाली जा रही है, जिससे वहां से किसी भी तरह की आवाजाही पूरी तरह रोकी जा सके।
संभावित अमेरिकी हमले से बचाव की रणनीति
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान यह कदम अमेरिका के संभावित हमले से अपने परमाणु संसाधनों को सुरक्षित रखने के लिए उठा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन सुरंगों के भीतर लगभग 408 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम का भंडारण किया गया है। इन प्रवेश द्वारों को बंद करने का उद्देश्य इन भंडारण स्थलों को अतिरिक्त सुरक्षा देना है।कुछ समय पहले इंजीनियरिंग और निर्माण कार्यों के लिए इन अंडरग्राउंड प्रवेश द्वारों को अस्थायी रूप से खोला गया था। उस दौरान सुरंगों को बेहद मजबूत कंक्रीट से तैयार किया गया, ताकि भविष्य में किसी भी संभावित हवाई या मिसाइल हमले का असर कम से कम हो। अब काम पूरा होने के बाद इन्हें दोबारा सील किया जा रहा है।
यूरेनियम भंडारण केंद्र को बनाया जा रहा अभेद्य
ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए पूरे इलाके को लगभग किले की तरह विकसित कर रहा है। सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों पर मजबूत किया जा रहा है, जिससे बाहरी हमलों के साथ-साथ जासूसी गतिविधियों को भी रोका जा सके। यह कदम ईरान की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।सैटेलाइट तस्वीरों से यह भी सामने आया है कि जमीन के ऊपर स्थित उस इमारत में भी निर्माण या मरम्मत का काम चल रहा है, जहां पहले सेंट्रीफ्यूज तैयार किए जाते थे। इस गतिविधि ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि इसे ईरान के परमाणु कार्यक्रम की निरंतरता से जोड़कर देखा जा रहा है।
सेंट्रीफ्यूज क्या होता है और क्यों अहम है
सेंट्रीफ्यूज एक विशेष मशीन होती है, जिसका उपयोग यूरेनियम को संवर्धित करने के लिए किया जाता है। यूरेनियम का उच्च स्तर तक संवर्धन परमाणु हथियार बनाने में इस्तेमाल हो सकता है, इसी वजह से सेंट्रीफ्यूज से जुड़ी किसी भी गतिविधि पर वैश्विक निगरानी रखी जाती है।पिछले साल जून में अमेरिका और इजरायल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाते हुए हमले किए थे। इन हमलों में नतांज, फोर्दो और इस्फहान के परमाणु ठिकानों को नुकसान पहुंचा था। दोनों देशों का आरोप है कि ईरान नागरिक परमाणु कार्यक्रम की आड़ में परमाणु हथियार विकसित करना चाहता है।
ईरान का दावा और परमाणु समझौते पर गतिरोध
ईरान लगातार यह दावा करता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल नागरिक उद्देश्यों के लिए है और वह परमाणु बम बनाने की दिशा में काम नहीं कर रहा। दूसरी ओर, अमेरिका लंबे समय से अपनी शर्तों पर परमाणु समझौता करना चाहता है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से बिना शर्त बातचीत की बात कही है, लेकिन ईरान ने साफ कर दिया है कि हमले की धमकियों के बीच किसी भी तरह की बातचीत संभव नहीं है।









