Iran-Israel War: ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले का आज 11वां दिन है।ईरान पर हमले से शुरु हुई दोनों देशों के बीच जंग अब पूरे पश्चिम एशिया में फैल चुकी है। ईरान की सेना ने सऊदी अरब, बहरीन, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और इजराइल पर मिसाइलों और ड्रोन से हमलों की एक नई लहर शुरू की।
ईरान-इजराइल के बीच जंग का 11वां दिन
इसके अलावा नाटो के सदस्य देश तुर्किए पर भी एक और मिसाइल दागी गई। पांच दिनों में यह दूसरी ऐसी घटना थी।हालांकि नाटो की वायु-रक्षा प्रणाली ने उस मिसाइल को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही हवा में नष्ट कर दिया।इस बीच तेहरान में कई धमाकों की आवाज सुनी गई,जिन्हें 28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध के बाद राजधानी पर सबसे भारी हवाई हमला माना जा रहा है।हालांकि,ईरानी मीडिया ने नुकसान और हताहतों के बारे में जानकारी नहीं दी।
इजराइल ने ईरान के कई शहरों को बनाया निशाना
इजराइल ने कहा कि,वह ईरान के शहर इस्फहान, तेहरान और दक्षिणी ईरान में बड़े पैमाने पर हमले कर रहा है।इजराइली सेना के अनुसार उसने कई ढांचागत ठिकानों को निशाना बनाया,जिनमें रिवोल्यूशनरी गार्ड का ड्रोन मुख्यालय भी शामिल है। ईरान ने खाड़ी क्षेत्र मंा ऊर्जा ठिकानों पर नए हमले किए,जिनमें बहरीन का एक पेट्रोलियम कॉम्प्लेक्स भी शामिल है।युद्ध के कारण तेल की आपूर्ति बाधित होने की आशंका से तेल की कीमतें तेजी से बढ़ गईं।
ईरान-इजराइल जंग पर ट्रंप का बड़ा दावा
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि,ईरान के खिलाफ चल रही जंग जल्द खत्म हो सकती है।ट्रंप ने इसके लिए कोई टाइमलाइन नहीं बताई ट्रंप ने फ्लोरिडा में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ईरान वॉर को एक शॉर्ट टर्म एक्सकर्शन कहा।
हमला रोकने के लिए ईरान को अमेरिका की चेतावनी
उन्होंने कहा कि,अमेरिका ने थोड़ा एक्सकर्शन इसलिए लिया क्योंकि लोगों से छुटकारा पाने के लिए ऐसा करना जरूरी है।इसके कुछ घंटों बाद डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि,अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट में तेल के प्रवाह को रोकने के लिए कोई भी कदम उठाता है तो अमेरिका उन्हें अब तक किए गए हमलों से बीस गुना ज्यादा ताकत से जवाब देगा।
युद्ध समाप्ति की आशंका पर शेयर बाजार में तेजी
ट्रंप के इन बदलते बयानों के कारण अमेरिकी शेयर बाजार वॉल स्ट्रीट में फिर से तेजी देखी गई।ट्रंप के बयान के कारण एशिया के प्रमुख बाजारों जापान और दक्षिण कोरिया में भी कारोबार मजबूत शुरुआत के साथ खुला। ट्रंप के विरोधाभासी बयानों के बावजूद निवेशकों को उम्मीद हुई कि संघर्ष लंबा नहीं चलेगा इसलिए बाजारों में सुधार देखा गया।










