Iran Civil War: ईरान में गहराते आर्थिक और राजनीतिक संकट के बीच भारत सरकार ने वहां रह रहे अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ी चेतावनी जारी की है। शुक्रवार को भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट किया कि ईरान में वर्तमान स्थिति बेहद अस्थिर और असुरक्षित हो चुकी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि इस समय ईरान के विभिन्न हिस्सों में लगभग 9,000 भारतीय नागरिक निवास कर रहे हैं। इनमें से एक बड़ी संख्या उन छात्रों की है जो वहां के प्रमुख विश्वविद्यालयों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। मंत्रालय ने इन नागरिकों की सुरक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है।
निकासी के लिए विशेष विमान: शुक्रवार से शुरू होगा ऑपरेशन
ईरान में बिगड़ते सुरक्षा हालातों को देखते हुए भारत सरकार ने रेस्क्यू ऑपरेशन की तैयारी पूरी कर ली है। रंधीर जायसवाल के अनुसार, भारत सरकार शुक्रवार से विशेष चार्टर्ड विमानों के जरिए अपने नागरिकों को वहां से निकालना शुरू करेगी। पहले चरण में तेहरान से दिल्ली के लिए विशेष उड़ानें संचालित की जाएंगी, जिसमें प्राथमिकता के आधार पर गोलेस्तान यूनिवर्सिटी और तेहरान मेडिकल यूनिवर्सिटी के छात्रों को वापस लाया जाएगा। चूंकि कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने ईरान के लिए अपनी सेवाएं निलंबित कर दी हैं, इसलिए भारत सरकार ने खुद चार्टर्ड फ्लाइट्स का इंतजाम किया है ताकि कोई भी नागरिक वहां फंसा न रहे।
शासन-विरोधी आंदोलन और हिंसा: दिसंबर से सुलग रहा है ईरान
ईरान में अशांति की शुरुआत दिसंबर 2025 में आर्थिक तंगी और महंगाई के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों से हुई थी। लेकिन अब यह आंदोलन पूरे देश में फैल चुका है और एक बड़े शासन-विरोधी विद्रोह का रूप ले चुका है। खबरों के मुताबिक, ईरान के कई शहरों में सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें हो रही हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि कई प्रमुख शहरों में कर्फ्यू लगा दिया गया है और सड़कों पर टैंक तैनात कर दिए गए हैं। इंटरनेट पर पूरी तरह से पाबंदी (ब्लैकआउट) लगा दी गई है, जिससे वहां की सटीक जानकारी मिलना मुश्किल हो रहा है। अपुष्ट खबरों के अनुसार, इस हिंसा में अब तक हजारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
तेहरान दूतावास की 24 घंटे हेल्पलाइन और पंजीकरण की अपील
भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने 24 घंटे सक्रिय रहने वाली हेल्पलाइन सेवा शुरू की है। दूतावास ने सभी भारतीयों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपना पंजीकरण कराएं। हालांकि, ईरान में इंटरनेट सेवाएं बंद होने के कारण ऑनलाइन पंजीकरण की गति धीमी है। ऐसी स्थिति में विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत में मौजूद उनके परिजन या रिश्तेदार भी MEA पोर्टल पर जाकर अपने करीबियों की जानकारी दर्ज करा सकते हैं। 14 जनवरी को जारी की गई ‘ट्रैवल एडवाइजरी’ में साफ कहा गया था कि भारतीय नागरिक फिलहाल ईरान की यात्रा करने से पूरी तरह बचें।
सुरक्षित वापसी की प्रतिबद्धता: भारत सरकार का अगला कदम
भारत सरकार ईरान की पल-पल बदलती स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है। विदेश मंत्रालय ने आश्वासन दिया है कि वह अपने नागरिकों के कल्याण के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। जो भारतीय वर्तमान में वहां मौजूद हैं, उन्हें सलाह दी गई है कि वे किसी भी उपलब्ध कमर्शियल फ्लाइट या अन्य माध्यमों का उपयोग कर तुरंत देश छोड़ दें। सरकार ने स्पष्ट किया है कि निकासी का यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक कि आखिरी इच्छुक भारतीय नागरिक सुरक्षित रूप से स्वदेश वापस नहीं आ जाता।
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