IPL 2009 FEMA Case : कोर्ट से ललित मोदी और BCCI को बड़ी राहत, ED को झटका

आईपीएल 2009 से जुड़े फेमा मामले में अदालत ने ललित मोदी और बीसीसीआई को बड़ी राहत देते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) को झटका दिया है। इस फैसले के बाद लंबे समय से चल रहे विवाद में नया मोड़ आ गया है। आखिर अदालत ने क्या कहा और इसका आगे क्या असर होगा, जानिए पूरी रिपोर्ट।

IPL 2009 FEMA Case

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 22, 2026

IPL 2009 FEMA Case :  इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के वर्ष 2009 संस्करण से जुड़े लंबे समय से चल रहे कानूनी विवाद में पूर्व आईपीएल चेयरमैन ललित मोदी और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को बड़ी राहत मिली है। विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) से जुड़े इस मामले में अपीलीय ट्रिब्यूनल ने कई आरोपों और उन पर लगाए गए जुर्मानों की समीक्षा करते हुए महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। ट्रिब्यूनल के निर्णय के बाद ललित मोदी पर लगाए गए कुछ प्रमुख जुर्माने रद्द कर दिए गए हैं, जबकि अन्य अधिकारियों की पेनल्टी में भी बड़ी कमी की गई है।

2009 में दक्षिण अफ्रीका में कराया गया था आईपीएल

यह मामला वर्ष 2009 का है, जब लोकसभा चुनावों के कारण भारत में सुरक्षा संबंधी चुनौतियों को देखते हुए आईपीएल का पूरा टूर्नामेंट दक्षिण अफ्रीका में आयोजित किया गया था। उस समय टूर्नामेंट के आयोजन और विदेश में धन हस्तांतरण को लेकर विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के कथित उल्लंघन के आरोप लगाए गए थे। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस आधार पर बीसीसीआई, ललित मोदी और कई अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की थी।

बीसीसीआई और अधिकारियों पर लगे थे करोड़ों के जुर्माने

ईडी ने मई 2018 में जारी अपने आदेश में बीसीसीआई, तत्कालीन बोर्ड सचिव एन. श्रीनिवासन, कोषाध्यक्ष एम.पी. पांडोव और तत्कालीन आईपीएल चेयरमैन ललित मोदी पर करोड़ों रुपये का जुर्माना लगाया था। जांच एजेंसी का आरोप था कि दक्षिण अफ्रीका में आईपीएल आयोजन के दौरान विदेश में धन भेजने की प्रक्रिया में FEMA के प्रावधानों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। इसी आदेश के खिलाफ संबंधित पक्षों ने अपीलीय ट्रिब्यूनल का दरवाजा खटखटाया था।

ललित मोदी ने फैसले को दी थी चुनौती

मामले में जारी 11 कारण बताओ नोटिसों में से छह मामलों में ललित मोदी पर कुल 10.65 करोड़ रुपये की पेनल्टी लगाई गई थी। इन आदेशों को चुनौती देते हुए उन्होंने ट्रिब्यूनल में अलग-अलग अपीलें दायर की थीं। ट्रिब्यूनल ने इन अपीलों पर सुनवाई के बाद कई आरोपों को खारिज करते हुए ललित मोदी को महत्वपूर्ण राहत प्रदान की।

श्रीनिवासन, पांडोव और बीसीसीआई को भी मिली राहत

अपीलीय ट्रिब्यूनल ने अन्य अधिकारियों और बीसीसीआई को भी आंशिक राहत दी है। फैसले के अनुसार, एन. श्रीनिवासन पर लगाया गया 1 करोड़ रुपये का जुर्माना घटाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया। वहीं एम.पी. पांडोव पर 50 लाख रुपये की पेनल्टी कम करके 5 लाख रुपये कर दी गई। इसके अलावा बीसीसीआई पर लगाया गया 4 करोड़ रुपये का जुर्माना भी घटाकर 1 करोड़ रुपये कर दिया गया।

ट्रिब्यूनल ने अधिकांश आरोपों को किया खारिज

SAFEMA के तहत गठित अपीलीय ट्रिब्यूनल ने अपने फैसले में कहा कि मामले से जुड़े अधिकांश वित्तीय लेन-देन सामान्य प्रशासनिक और व्यावसायिक प्रक्रियाओं का हिस्सा थे। इसलिए उन्हें विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम के गंभीर उल्लंघन के रूप में नहीं देखा जा सकता। ट्रिब्यूनल ने अपीलों को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए ईडी के कई आरोपों और उनसे जुड़े जुर्मानों को निरस्त कर दिया।

एसबीआई और अधिकारियों को भी मिली राहत

फैसले में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और उसके संबंधित अधिकारियों को भी राहत दी गई है। ट्रिब्यूनल ने माना कि बैंक ने उस समय उपलब्ध नियमों और सामान्य बैंकिंग प्रक्रिया के तहत ही धन प्रेषण (Remittance) की प्रक्रिया पूरी की थी। इसलिए बैंक और उसके अधिकारियों पर किसी प्रकार की जिम्मेदारी तय नहीं की जा सकती।

16 साल पुराने विवाद में मिला अहम कानूनी मोड़

करीब 16 वर्षों से चर्चा में रहे इस मामले में ट्रिब्यूनल का फैसला एक महत्वपूर्ण कानूनी मोड़ माना जा रहा है। हालांकि कुछ मामलों में सीमित जुर्माना अब भी बरकरार रखा गया है, लेकिन अधिकांश आरोपों के खारिज होने से ललित मोदी, बीसीसीआई और अन्य संबंधित अधिकारियों को बड़ी राहत मिली है। यह फैसला भविष्य में FEMA से जुड़े मामलों की व्याख्या और खेल प्रशासन से जुड़े वित्तीय निर्णयों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।