भागलपुर मेडिकल कॉलेज में एचआईवी किट खरीद और भुगतान मामले की जांच तेज

 भागलपुर  मिरजानहाट निवासी प्रकाश कुमार की प्रथम अपील पर स्वास्थ्य विभाग ने जेएलएनएमसीएच में एचआईवी किट खरीद और स्टाफ नर्स को कथित अधिक भुगतान के आरोपों की सुनवाई शुरू कर दी है। विशेष सचिव सह प्रथम अपीलीय प्राधिकार ने अस्पताल अधीक्षक को 12 अगस्त को दोपहर दो बजे पटना स्थित कार्यालय में उपलब्ध अभिलेख, साक्ष्य और बिंदुवार जवाब के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया है। आवश्यकता पड़ने पर क्रय लिपिक को भी सुनवाई में उपस्थित कराने को कहा गया है। 190 रुपये की किट 45 लाख रुपये में खरीदी शिकायतकर्ता का आरोप है कि दिसंबर 2024 में जेएलएनएमसीएच के

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Published On :

जुलाई 31, 2026

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 भागलपुर
 मिरजानहाट निवासी प्रकाश कुमार की प्रथम अपील पर स्वास्थ्य विभाग ने जेएलएनएमसीएच में एचआईवी किट खरीद और स्टाफ नर्स को कथित अधिक भुगतान के आरोपों की सुनवाई शुरू कर दी है।

विशेष सचिव सह प्रथम अपीलीय प्राधिकार ने अस्पताल अधीक्षक को 12 अगस्त को दोपहर दो बजे पटना स्थित कार्यालय में उपलब्ध अभिलेख, साक्ष्य और बिंदुवार जवाब के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया है।

आवश्यकता पड़ने पर क्रय लिपिक को भी सुनवाई में उपस्थित कराने को कहा गया है।
190 रुपये की किट 45 लाख रुपये में खरीदी
शिकायतकर्ता का आरोप है कि दिसंबर 2024 में जेएलएनएमसीएच के क्रय लिपिक नीरज झा ने जय शिव कंपनी, समस्तीपुर से बाजार में 190 रुपये प्रति पैकेट कीमत वाली एचआईवी किट प्रति पैकेट 45 लाख रुपये में खरीदी। अधीक्षक कार्यालय की तत्कालीन भंडारपाल नीलिमा सिन्हा, रोकड़पाल नूतन कुमारी और प्रधान लिपिक प्रेमलता की सहमति से एजेंसी को भुगतान किया गया। यह एक बड़ा घोटाला है।

शिकायत के बाद जेएलएनएमसीएच के तत्कालीन अधीक्षक डॉ. अविलेश कुमार ने मामले की जांच कराई। क्रय लिपिक पर आरोप सही साबित हुए। कार्रवाई के नाम पर तत्कालीन अधीक्षक ने क्रय लिपिक नीरज को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया। लेकिन उनके जाने के बाद वर्तमान अधीक्षक ने नीरज को वापस जेएलएनएमसीएच में पदस्थापित कर दिया।

वर्तमान अधीक्षक को दी घोटाले की जानकारी
प्रकाश का आरोप है कि उनकी ओर से वर्तमान अधीक्षक डॉ. एचपी दुबे को नीरज के घोटाले की बार-बार जानकारी दी गई लेकिन उन्होंने कार्रवाई की जगह प्रधान लिपिक प्रेमलता के साथ मिलकर नीरज को वापस बुला लिया और फिर से क्रय के कार्यों में लगा दिया है। इस संबंध में अस्पताल अधीक्षक डा. दुबे का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।

प्रवीण कुमार पर 25 लाख अधिक भुगतान का आरोप
प्रकाश का आरोप है कि तत्कालीन लिपिक एवं मई 2026 में सेवानिवृत्त प्रवीण कुमार ने रोकड़पाल नूतन कुमारी और प्रधान लिपिक प्रेमलता के साथ मिलकर स्टाफ नर्स प्रतीमा वी को 25 लाख रुपये का अधिक भुगतान कराया।

शिकायतकर्ता का दावा है कि कथित अतिरिक्त राशि की अब तक न वसूली हुई और न किसी पर कार्रवाई। इस मामले को भी विशेष सचिव ने सुनवाई के दायरे में रखा है।

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