Indore Water Crisis: इंदौर दौरे पर राहुल गांधी का सरकार पर हमला, दूषित पानी से मौतों पर उठाए सवाल

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई दर्जनों मौतों ने पूरे देश को दहला दिया है। आज राहुल गांधी खुद पीड़ितों का दर्द बांटने इंदौर पहुंचे। क्या ये महज हादसा था या प्रशासन की बड़ी लापरवाही? राहुल के तीखे सवालों ने मध्य प्रदेश की राजनीति में नया तूफान ला दिया है!

Indore Water Crisis

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 17, 2026

Indore Water Crisis: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शनिवार को इंदौर दौरे पर पहुंचे। अपने दौरे की शुरुआत उन्होंने शहर के बॉम्बे हॉस्पिटल से की, जहां दूषित जल के कारण बीमार हुए मरीजों का इलाज चल रहा है। राहुल गांधी ने अस्पताल में भर्ती चार मरीजों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके परिजनों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने मरीजों को हरसंभव मदद का भरोसा भी दिलाया।

भागीरथपुरा पहुंचकर पीड़ितों से की मुलाकात

अस्पताल दौरे के बाद राहुल गांधी दूषित पेयजल से प्रभावित भागीरथपुरा क्षेत्र पहुंचे। यहां उन्होंने उन परिवारों से मुलाकात की, जिन्होंने उल्टी-दस्त के प्रकोप के दौरान अपने प्रियजनों को खोया है। राहुल गांधी ने पीड़ित परिवारों का दर्द सुना और कहा कि इस तरह की घटनाएं प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम हैं। उनके साथ इस दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी भी मौजूद रहे।

स्मार्ट सिटी के दावों पर राहुल गांधी का तंज

पीड़ितों से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश को स्मार्ट सिटी का सपना दिखाया गया था, लेकिन आज हालात यह हैं कि लोगों को पीने का साफ पानी तक नसीब नहीं हो रहा। राहुल गांधी ने कहा कि यह स्मार्ट सिटी का ऐसा मॉडल है, जहां नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है और सवाल उठाने पर उन्हें डराया जा रहा है।

जिम्मेदारी तय करने और मुआवजे की मांग

राहुल गांधी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दूषित पानी के कारण हुई मौतों की जिम्मेदारी किसी न किसी को लेनी ही होगी। उन्होंने मांग की कि जिन परिवारों ने इस लापरवाही में अपने लोगों को खोया है, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि इंदौर के लोग कोई अतिरिक्त मांग नहीं कर रहे, बल्कि सिर्फ वही मांग रहे हैं जो सरकार का कर्तव्य है—साफ, सुरक्षित और भरोसेमंद पेयजल।

कांग्रेस का दावा: 24 मौतें, कई मरीज गंभीर

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दावा किया कि भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि आठ से दस मरीजों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस दूषित जल की समस्या पर बुद्धिजीवियों, पर्यावरणविदों और नगर निगम पार्षदों के साथ एक सम्मेलन आयोजित करना चाहती थी, लेकिन प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी।

सरकार और रिपोर्टों में अलग-अलग आंकड़े

मौतों के आंकड़ों को लेकर विरोधाभास सामने आया है। राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में पेश रिपोर्ट में सात मौतों की पुष्टि की है, जबकि एक मेडिकल समिति की ‘डेथ ऑडिट’ रिपोर्ट में संकेत मिला है कि 15 मौतें इस प्रकोप से जुड़ी हो सकती हैं। प्रशासन ने मानवीय आधार पर 21 मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा दिया है, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि सभी मौतें सीधे तौर पर दूषित पानी से नहीं हुईं।

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