भारत बनेगा इस्लामिक देशों का कूटनीतिक मंच, 22 अरब राष्ट्र जुटेंगे—किन मुद्दों पर होगी बात?

नई दिल्ली मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत में इस सप्ताह के अंत में मुस्लिम देशों का जमावड़ा लगने जा रहा है। भारत आगामी शनिवार को राजधानी दिल्ली में भारत-अरब विदेश मंत्रियों की दूसरी बैठक की मेजबानी करेगा जिसमें अरब लीग के सभी 22 अरब देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। बता दें कि यह बैठक दस साल बाद हो रही है। वहीं यह बात भी अहम है कि यह पहली बार होगा जब भारत इस बैठक की मेजबानी करने जा रहा है।   जानकारी के मुताबिक अरब देशों के विदेश मंत्री, राज्य मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और अरब लीग

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Published On :

जनवरी 29, 2026

नई दिल्ली
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत में इस सप्ताह के अंत में मुस्लिम देशों का जमावड़ा लगने जा रहा है। भारत आगामी शनिवार को राजधानी दिल्ली में भारत-अरब विदेश मंत्रियों की दूसरी बैठक की मेजबानी करेगा जिसमें अरब लीग के सभी 22 अरब देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। बता दें कि यह बैठक दस साल बाद हो रही है। वहीं यह बात भी अहम है कि यह पहली बार होगा जब भारत इस बैठक की मेजबानी करने जा रहा है।
 
जानकारी के मुताबिक अरब देशों के विदेश मंत्री, राज्य मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और अरब लीग सचिवालय इस बैठक में अपने देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बताया है कि इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत और संयुक्त अरब अमीरात मिलकर करेंगे। इसमें अरब लीग के सदस्य देशों के विदेश मंत्री और अरब लीग के महासचिव भी भाग लेंगे। वहीं बैठक से पहले शुक्रवार को भारत और अरब वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बातचीत भी होगी।

एजेंडे में क्या?
दोनों पक्षों की दूसरी बैठक दस सालों के अंतराल के बाद हो रही है। इससे पहले दोनों पक्षों के बीच पहली बैठक 2016 में बहरीन में हुई थी। पहली बैठक के दौरान मंत्रियों ने सहयोग के पांच प्राथमिक क्षेत्रों-अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, शिक्षा, मीडिया और संस्कृति-की पहचान की थी और इन क्षेत्रों में विभिन्न गतिविधियों का प्रस्ताव रखा था। वहीं शनिवार को होने वाली बैठक से मौजूदा सहयोग को आगे बढ़ाने और भारत-अरब साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ और व्यापक बनाने की अपेक्षा होगी।

अरब लीग में पर्यवेक्षक की भूमिका में भारत
गैरतलब है कि भारत 22 सदस्य देशों वाले पैन-अरब संगठन अरब लीग में पर्यवेक्षक की भूमिका में है। वहीं भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक भारत और अरब देशों के बीच साझेदारी को आगे बढ़ाने वाली सर्वोच्च संस्थागत व्यवस्था है। इस साझेदारी को मार्च 2002 में औपचारिक रूप दिया गया था जब भारत और अरब लीग के बीच संवाद प्रक्रिया को संस्थागत स्वरूप देने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

इसके बाद दिसंबर 2008 में तत्कालीन अरब लीग महासचिव अमर मूसा की भारत यात्रा के दौरान अरब-भारत सहयोग मंच की स्थापना के लिए एक सहयोग ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। 2013 में इसकी संरचनात्मक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से इसमें संशोधन भी किया गया।

 

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