Gold Rate Today: सोना स्थिर, चांदी के दाम में जोरदार तेजी; कीमतों में बदलाव क्यों?

सोने की कीमतों में आज खास बदलाव नहीं हुआ, जबकि चांदी के भाव में एक फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। कीमती धातुओं के बाजार में इस अलग-अलग रुख ने निवेशकों का ध्यान खींचा है। आखिर चांदी क्यों चढ़ी और सोना स्थिर क्यों रहा, जानिए इसके पीछे की वजह।

सोना स्थिर, चांदी के दाम में जोरदार तेजी

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

सितम्बर 23, 2026

Gold Rate Today: बुधवार, 23 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में ज्यादा बदलाव नहीं दिखा, जबकि चांदी के भाव में मजबूत तेजी दर्ज की गई। कारोबार के शुरुआती दौर में चांदी की कीमत 1 फीसदी से अधिक बढ़ी। दूसरी ओर, सोना लगभग स्थिर रहा। बाजार में निवेशकों की नजर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत, कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर आगे की दिशा पर बनी हुई है।

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COMEX में सोने की चाल कैसी रही?

COMEX में सोने की चाल कैसी रही?
COMEX में सोने की चाल कैसी रही?

23 सितंबर को खबर लिखे जाने तक COMEX पर सोना 4,380.90 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इसमें करीब 0.10 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। कारोबार के दौरान सोने ने 4,407.50 डॉलर प्रति औंस का ऊपरी स्तर छुआ, जबकि इसका निचला स्तर 4,378.60 डॉलर प्रति औंस रहा।

इससे संकेत मिलता है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में फिलहाल सीमित दायरे में कारोबार देखने को मिल रहा है और निवेशक आगे के आर्थिक संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।

चांदी ने दिखाई ज्यादा मजबूती

सोने के मुकाबले चांदी में बुधवार को ज्यादा तेजी देखने को मिली। COMEX पर चांदी 67.360 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर थी और इसमें 1.25 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। कारोबारी सत्र में चांदी ने 68.055 डॉलर प्रति औंस का उच्चतम और 67.240 डॉलर प्रति औंस का निचला स्तर छुआ। चांदी में तेजी के पीछे वैश्विक बाजार की धारणा और निवेशकों की खरीदारी अहम कारकों में शामिल रही।

तेल की कीमतों का सोने पर असर क्यों?

कच्चे तेल की कीमतों में होने वाला उतार-चढ़ाव सोने के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। तेल की कीमत बढ़ने से महंगाई का दबाव बढ़ सकता है, जिसका असर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों से जुड़ी उम्मीदों पर पड़ता है। अगर ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं तो ऐसे एसेट्स पर दबाव बन सकता है, जो नियमित ब्याज या आय नहीं देते। सोना भी इसी श्रेणी में आता है। वहीं, तेल की कीमतों में नरमी महंगाई की चिंता को कुछ कम कर सकती है।

अमेरिकी बाजार में तेल थोड़ा नरम

रॉयटर्स के मुताबिक, बुधवार को शुरुआती कारोबार में कच्चे तेल की कीमतों में मामूली गिरावट दर्ज हुई। 0119 GMT तक ब्रेंट क्रूड 0.07 फीसदी गिरकर 99.18 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी WTI 0.39 फीसदी की गिरावट के साथ 90.17 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।

भारत में सोने और चांदी का क्या भाव रहा?

भारत में सोने और चांदी का क्या भाव रहा?
भारत में सोने और चांदी का क्या भाव रहा?

घरेलू बाजार की बात करें तो स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, मंगलवार 22 सितंबर को नई दिल्ली में सोने की कीमत 1,500 रुपये घटकर 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। वहीं चांदी का भाव 2.42 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रहा। घरेलू बाजार में सोने की कमजोरी के पीछे मजबूत अमेरिकी डॉलर और फेडरल रिजर्व के अधिकारियों की सख्त टिप्पणियों को प्रमुख वजहों में गिना गया।

निवेशकों की नजर किन संकेतों पर?

HDFC Securities के कमोडिटीज सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, तेल की कीमतों में नरमी से महंगाई संबंधी चिंताओं को कुछ राहत मिली है। इसके अलावा बाजार फेडरल रिजर्व अधिकारियों के बयानों पर नजर रख रहा है, ताकि अमेरिकी मौद्रिक नीति की अगली दिशा के संकेत मिल सकें। वहीं, चीन की ओर से सोने के आयात में बढ़ोतरी भी बुलियन बाजार के लिए मांग से जुड़ा महत्वपूर्ण संकेत बनी हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों पर अमेरिकी ब्याज दरों, डॉलर, तेल और वैश्विक मांग जैसे कई कारकों का असर देखने को मिल सकता है।

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