India-US Trade Deal 2026: भारत और अमेरिका के बीच हुआ नया व्यापार समझौता देश की राजनीति और कृषि क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। केंद्र सरकार इसे भारतीय उत्पादों के लिए वैश्विक बाजार खोलने वाला ऐतिहासिक कदम बता रही है, जबकि विपक्ष और किसान संगठन इसे ‘किसान विरोधी’ करार दे रहे हैं। इसी बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्पष्ट किया कि भारतीय किसानों का हित सर्वोपरि है और उनके अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया गया है।
किन उत्पादों पर छूट नहीं दी गई

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि भारतीय किसानों को नुकसान पहुंचाने वाले प्रमुख उत्पादों को समझौते से बाहर रखा गया है। सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी, मोटे अनाज और दलहन जैसे महत्वपूर्ण कृषि उत्पादों पर किसी प्रकार की टैरिफ छूट नहीं दी गई है। डेयरी क्षेत्र को भी पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है। अमेरिका से दूध, घी, मक्खन, पनीर, योगर्ट और क्रीम जैसे उत्पादों की एंट्री पर रोक बरकरार रहेगी।
मसाला बाजार और GM उत्पादों पर सुरक्षा
भारत के मसाला बाजार को भी सुरक्षा कवच प्रदान किया गया है। काली मिर्च, हल्दी, अदरक, जीरा, हींग और धनिया जैसे मसालों को सुरक्षित सूची में रखा गया है। सबसे महत्वपूर्ण घोषणा यह रही कि आनुवंशिक रूप से संशोधित (GM) उत्पादों को भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। इससे भारतीय बीज और मिट्टी सुरक्षित रहेंगे।
क्या होगा सस्ता और महंगा
इस समझौते के तहत भारत और अमेरिका ने कई वस्तुओं पर आयात शुल्क में कटौती की है।
भारत में सस्ती होंगी चीजें: ताजे फल (अखरोट, बादाम), प्रीमियम बाइक, लग्जरी कारें, विमान, डिफेंस उपकरण, सोया ऑयल और मेडिकल उपकरण।
अमेरिका में भारतीय उत्पादों को फायदा: जेनरिक दवाओं, रत्न-आभूषण, एयरक्राफ्ट पार्ट्स, रेडीमेड कपड़े, फुटवियर, खिलौने और इंजीनियरिंग गुड्स पर अमेरिका ने टैरिफ शून्य कर दिया है।
दलहन आत्मनिर्भरता मिशन
कृषि मंत्री ने समझौते से अलग ‘दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’ का रोडमैप भी पेश किया। उन्होंने कहा कि दालों का आयात करना देश के लिए शर्म की बात है और अब भारत निर्यातक बनने की दिशा में काम करेगा। इसके लिए क्लस्टर मॉडल पर 1000 दाल मिलें खोली जाएंगी। चौहान ने स्पष्ट किया कि अब देश की दलहन नीति सीधे खेतों से तय होगी, न कि दिल्ली से।
विरोध और ‘भारत बंद’ की तैयारी
इस समझौते के खिलाफ किसान संगठनों ने 12 फरवरी 2026 को ‘भारत बंद’ और बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM), अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS) और अन्य संगठनों ने कहा है कि देश के हर गांव में प्रदर्शन होंगे। किसान नेता वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। विपक्षी दल कांग्रेस ने भी इस डील को भारतीय किसानों की कीमत पर अमेरिका को दी गई छूट बताया है और आरोप लगाया है कि इससे भारत का आयात तीन गुना बढ़ सकता है।
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