India-UK FTA: भारत और ब्रिटेन के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता (FTA), जिसे व्यापक आर्थिक और व्यापार करार (CETA) के रूप में जाना जाता है, अब आधिकारिक रूप से लागू होने जा रहा है। दोनों देशों ने संयुक्त रूप से पुष्टि की है कि यह ऐतिहासिक समझौता आगामी 15 जुलाई, 2026 से प्रभावी हो जाएगा। इस समझौते पर हस्ताक्षर होने के एक साल से भी कम समय में इसे लागू किया जाना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। लंदन ने इसे इतनी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच अब तक का सबसे तीव्र गति से लागू होने वाला व्यापार समझौता करार दिया है। इस करार के अमल में आने से दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों का एक नया युग शुरू होगा।
प्रधानमंत्री मोदी की प्रसन्नता और ‘विकसित भारत 2047’ का संकल्प
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस खबर पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने इसे भारत और ब्रिटेन के संबंधों में एक “ऐतिहासिक मील का पत्थर” बताया। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में उल्लेख किया कि यह समझौता न केवल द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को नई गति प्रदान करेगा, बल्कि भारतीय किसानों, श्रमिकों, MSME क्षेत्र, स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स के लिए अवसरों के नए द्वार भी खोलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह साझेदारी भारत के ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। फ्रांस के एवियन में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ हुई चर्चा में भी दोनों नेताओं ने आर्थिक संबंधों को मिल रही इस नई गति पर संतोष जताया।
भारतीय निर्यातकों को मिलेगा वैश्विक बाजार में बड़ा लाभ
24 जुलाई, 2025 को हस्ताक्षरित इस CETA समझौते का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि भारत के लगभग 99 प्रतिशत उत्पादों को अब ब्रिटेन में जीरो टैरिफ पर प्रवेश मिलेगा। इससे भारतीय निर्यातकों, विशेष रूप से कपड़ा, फुटवियर, रत्न एवं आभूषण, खेल के सामान, खिलौने और इलेक्ट्रिक व हाइब्रिड वाहनों के निर्माताओं को ब्रिटिश बाजार में अत्यधिक प्रतिस्पर्धी बढ़त मिलेगी। दूसरी तरफ, भारत भी अपनी ओर से कुछ चुनिंदा ब्रिटिश उत्पादों जैसे लग्जरी कारों और स्कॉच व्हिस्की पर टैरिफ में कमी करेगा। इस समझौते का दूरगामी लक्ष्य वर्ष 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 56 अरब डॉलर के स्तर तक पहुंचाना है।
भारतीय बाजार में सस्ती होंगी ये प्रसिद्ध ब्रिटिश वस्तुएं
इस समझौते के कार्यान्वयन के बाद, भारतीय उपभोक्ता कई उच्च गुणवत्ता वाले ब्रिटिश उत्पादों को सस्ती दरों पर प्राप्त कर सकेंगे। इनमें प्रमुख रूप से चॉकलेट, बिस्कुट, कॉस्मेटिक्स, प्रीमियम स्कॉच व्हिस्की और लग्जरी गाड़ियां शामिल हैं। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, व्यापार जगत के लिए इस समझौते की शर्तों के अनुरूप खुद को ढालने के लिए 28 दिनों का समय दिया गया है। 15 जुलाई से कारोबारी इन नई रियायती दरों और व्यापारिक नियमों का लाभ उठाकर अपनी व्यावसायिक गतिविधियों का विस्तार कर सकेंगे।
आर्थिक प्रगति और रणनीतिक साझेदारी का नया अध्याय
यह समझौता न केवल व्यापारिक मात्रा बढ़ाने पर केंद्रित है, बल्कि यह दोनों देशों के बीच एक रणनीतिक आर्थिक साझेदारी को भी मजबूत करता है। ब्रिटेन के डिपार्टमेंट फॉर बिजनेस एंड ट्रेड ने इसे अपनी अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा अवसर माना है। जिस गति से दोनों देशों ने कागजी औपचारिकताओं को पूरा करके इसे धरातल पर उतारा है, वह वैश्विक स्तर पर दोनों देशों की इच्छाशक्ति को दर्शाता है। 15 जुलाई से शुरू होने वाला यह नया व्यापारिक सफर भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को वैश्विक वैल्यू चेन के साथ और अधिक मजबूती से एकीकृत करने में सहायक सिद्ध होगा।
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