India Pakistan War : ट्रंप का नया दावा, टैरिफ की धमकी से रोका भारत-पाकिस्तान का परमाणु युद्ध

डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि पिछले साल भारत-पाकिस्तान परमाणु युद्ध के मुहाने पर थे और 10 लड़ाकू विमान गिराए जा चुके थे। ट्रंप के अनुसार, उन्होंने 350% टैरिफ लगाने की धमकी देकर दोनों देशों को 5 घंटे में युद्ध रोकने पर मजबूर किया। क्या ट्रंप का यह दावा सच है या कूटनीति?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 11, 2026

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India Pakistan War :  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अपनी भूमिका को लेकर चौंकाने वाला दावा किया है। फॉक्स न्यूज को दिए एक विशेष इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि पिछले साल मई (2025) में भारत और पाकिस्तान एक भीषण परमाणु युद्ध की कगार पर खड़े थे, जिसे उन्होंने अपने हस्तक्षेप से टाल दिया। राष्ट्रपति ने इस बार टकराव की तीव्रता को और बढ़ाते हुए दावा किया कि दोनों देशों के बीच संघर्ष में अब तक 10 विमान मार गिराए गए थे। गौरतलब है कि ट्रंप इससे पहले भी कई बार युद्ध रुकवाने का श्रेय ले चुके हैं, लेकिन हर बार उनके द्वारा बताए गए गिरे हुए विमानों की संख्या बदलती रही है—शुरुआत में उन्होंने 5 विमानों की बात कही थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 7, फिर 8 और अब 10 कर दिया गया है।

टैरिफ को बताया ‘शांति का हथियार’: 8 युद्ध सुलझाने का रिपोर्ट कार्ड

ट्रंप ने अपनी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति और व्यापारिक प्रतिबंधों (टैरिफ) को कूटनीति का सबसे प्रभावी औजार बताया। उन्होंने दावा किया कि अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान उन्होंने अब तक कुल 8 अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को सुलझाया है। राष्ट्रपति के अनुसार, “इनमें से कम से कम छह युद्धों का समाधान केवल टैरिफ के रणनीतिक इस्तेमाल से संभव हुआ। मैंने स्पष्ट कर दिया था कि यदि युद्ध बंद नहीं हुआ, तो भारी व्यापारिक शुल्क लगाए जाएंगे।” ट्रंप का मानना है कि आर्थिक दबाव की इसी धमकी ने भारत और पाकिस्तान को परमाणु तबाही के रास्ते से पीछे हटने पर मजबूर किया। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने स्वयं उनसे मिलकर एक करोड़ लोगों की जान बचाने के लिए आभार व्यक्त किया था।

भारत का रुख: तीसरे पक्ष की भूमिका से हमेशा किया इनकार

डोनाल्ड ट्रंप भले ही अपनी पीठ थपथपा रहे हों, लेकिन भारत सरकार का रुख इस मामले में हमेशा से स्पष्ट और कड़ा रहा है। भारत ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि पाकिस्तान के साथ उसके सभी मुद्दे द्विपक्षीय हैं और इनमें किसी भी तीसरे पक्ष (विशेषकर अमेरिका) की मध्यस्थता या हस्तक्षेप की कोई आवश्यकता नहीं है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने पहले भी स्पष्ट किया है कि मई 2025 के दौरान स्थिति नियंत्रण में थी और सैन्य टकराव को रोकने के लिए किसी विदेशी दबाव की भूमिका नहीं थी। ट्रंप के दावों को अक्सर उनके घरेलू समर्थकों को लुभाने की एक कोशिश के रूप में देखा जाता है।

अजरबैजान-आर्मेनिया विवाद: ‘डेढ़ दिन में खत्म किया 32 साल पुराना संघर्ष’

इंटरव्यू के दौरान ट्रंप केवल दक्षिण एशिया तक ही सीमित नहीं रहे। उन्होंने आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच दशकों पुराने तनाव को भी चुटकियों में सुलझाने का दावा किया। उन्होंने कहा, “ये देश हमारे साथ व्यापार करते हैं। अजरबैजान और आर्मेनिया लगभग 32 साल से लड़ रहे थे, लेकिन मैंने इसे सिर्फ एक दिन में हल कर दिया। मैंने उनसे कहा कि अगर लड़ाई बंद नहीं हुई, तो टैरिफ लगेंगे। और चमत्कार देखिए, वह युद्ध डेढ़ दिन के भीतर समाप्त हो गया।” ट्रंप ने जोर देकर कहा कि पारंपरिक कूटनीति के बजाय व्यापारिक प्रतिबंध अधिक प्रभावी परिणाम देते हैं।

ट्रंप की ‘टैरिफ डिप्लोमेसी’ पर उठते सवाल

अमेरिकी राष्ट्रपति के ये दावे भले ही नाटकीय लगते हों, लेकिन इनके समर्थन में अब तक कोई पुख्ता सबूत या आधिकारिक डेटा पेश नहीं किया गया है। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप वैश्विक शांति के बजाय व्यापारिक लाभ और व्यक्तिगत छवि को अधिक प्राथमिकता देते हैं। जहाँ उनके समर्थक इसे उनकी ‘मजबूत नेता’ वाली छवि के रूप में देखते हैं, वहीं आलोचक इसे वैश्विक राजनीति का सरलीकरण और तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने की कला मानते हैं। फिलहाल, ट्रंप के इन दावों ने एक बार फिर दुनिया भर में चर्चा छेड़ दी है।

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