India Pakistan Relations : भारत-पाक रिश्तों पर 100 हस्तियों की चिट्ठी, पीएम मोदी-शहबाज को सामान्यीकरण की अपील

भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से जमे तनाव के बीच 100 प्रमुख हस्तियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को खुली चिट्ठी लिखकर संबंध सामान्य करने, संवाद बहाल करने और शांति की दिशा में नए कदम उठाने की अपील की है। आखिर इस पहल के पीछे क्या वजह है और इसका असर कितना बड़ा हो सकता है?

India Pakistan Relations

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 1, 2026

India Pakistan Relations :  भारत और पाकिस्तान के बीच दशकों से चले आ रहे तनावपूर्ण संबंधों को सुधारने और शांति की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, दोनों देशों की 117 से अधिक प्रमुख हस्तियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को एक संयुक्त खुली चिट्ठी लिखी है। ‘सेंटर फॉर पीस एंड प्रोग्रेस’ के नेतृत्व में शुरू की गई इस मुहिम में लेखकों, पूर्व राजनयिकों, राजनेताओं और वैज्ञानिकों समेत दोनों देशों के प्रभावशाली लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं। इस पत्र का मुख्य उद्देश्य दोनों पड़ोसी देशों के बीच कूटनीतिक गतिरोध को समाप्त करना और दशकों से जमे बर्फ को पिघलाकर संवाद की एक नई शुरुआत करना है। शांति की अपील करने वाले इन हस्तियों का मानना है कि आपसी बातचीत और लोगों के बीच जुड़ाव ही क्षेत्र में स्थायी स्थिरता ला सकता है।

वीजा और एयरस्पेस बहाल करने की मुख्य मांगें

इस पत्र के माध्यम से दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व से कई महत्वपूर्ण सुधारों की मांग की गई है। इसमें सबसे प्रमुख मांग वीजा सेवाओं को फिर से शुरू करने और बंद पड़े एयरस्पेस को दोबारा खोलने की है, ताकि दोनों देशों के आम नागरिकों के बीच आवाजाही फिर से सुगम हो सके। हस्ताक्षरकर्ताओं ने जोर दिया है कि भारत और पाकिस्तान को एक ‘संरचित वार्ता’ (Structured Dialogue) की शुरुआत करनी चाहिए, जिससे द्विपक्षीय मसलों को बातचीत के जरिए सुलझाया जा सके। इसके साथ ही, पत्र में पूर्ण राजनयिक संबंधों को बहाल करने और सांस्कृतिक एवं धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की भी पुरजोर अपील की गई है। उनका तर्क है कि जनता के बीच संपर्क बढ़ने से अविश्वास की खाई कम होगी।

दोनों देशों से प्रमुख हस्ताक्षरकर्ताओं का समर्थन

इस शांति पहल में भारत की ओर से 61 हस्ताक्षरकर्ता शामिल हैं, जिनमें फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती, आरजेडी सांसद मनोज झा, मीरवाइज उमर फारूक और हुमायूं कबीर जैसे जाने-माने नाम शामिल हैं। इन सभी हस्तियों ने डिजिटल माध्यम से इस पत्र का समर्थन किया है। वहीं, पाकिस्तान की ओर से 56 प्रमुख हस्तियों ने इस मुहिम में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की है। पाकिस्तानी हस्ताक्षरकर्ताओं में पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी, पूर्व राजनयिक अशरफ जहांगीर काजी, नेशनल असेंबली के सदस्य इस्फनयार भंडारा और प्रसिद्ध परमाणु वैज्ञानिक परवेज हूदभॉय जैसी हस्तियां शामिल हैं। दोनों तरफ के प्रबुद्ध वर्ग की यह संयुक्त मांग यह दर्शाती है कि शांति का पक्षधर समाज अब कूटनीतिक स्तर पर निर्णायक पहल चाहता है।

शांति की राह और भविष्य की चुनौतियां

यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब दोनों देशों के बीच आधिकारिक वार्ता लंबे समय से ठप है। हालांकि, यह पत्र कोई औपचारिक सरकारी दस्तावेज नहीं है, लेकिन इसमें शामिल लोगों का कद इसे एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक दबाव बनाने का जरिया बनाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के जन-दबाव (Track-II Diplomacy) से दोनों सरकारों पर संबंधों में लचीलापन लाने की नैतिक जिम्मेदारी बढ़ती है। फिलहाल, प्रधानमंत्री मोदी और शहबाज शरीफ के समक्ष रखी गई यह मांग यह स्पष्ट करती है कि क्षेत्र की शांति के लिए आपसी सहयोग के अलावा कोई विकल्प नहीं है। अब देखना यह होगा कि क्या दोनों सरकारें इस शांतिपूर्ण अपील को स्वीकार कर बातचीत की मेज पर फिर से साथ आती हैं या नहीं।

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