India France Relations: PM मोदी की फ्रांस यात्रा बनी गेमचेंजर, टेक से लेकर डिफेंस तक बड़े फैसले

India France Relations: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्रांस यात्रा के बाद भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी और अधिक मजबूत हुई है। नीस शहर में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ हुई बैठक के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को “स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” के रूप में और गहरा करने पर सहमति जताई। इसका उद्देश्य केवल व्यापार नहीं, बल्कि तकनीक, रक्षा, ऊर्जा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग बढ़ाना है। मोहाली में डिफॉल्टर बिल्डरों पर बड़ा एक्शन, गमाडा ने नई अप्रूवल्स पर लगाई पाबंदी 5 साल में दोगुना कारोबार दोनों देशों ने आर्थिक सहयोग को नई

PM मोदी की फ्रांस यात्रा बनी गेमचेंजर

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जून 16, 2026

India France Relations: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्रांस यात्रा के बाद भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी और अधिक मजबूत हुई है। नीस शहर में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ हुई बैठक के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को “स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” के रूप में और गहरा करने पर सहमति जताई। इसका उद्देश्य केवल व्यापार नहीं, बल्कि तकनीक, रक्षा, ऊर्जा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग बढ़ाना है।

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5 साल में दोगुना कारोबार

दोनों देशों ने आर्थिक सहयोग को नई दिशा देते हुए मौजूदा व्यापार को अगले पांच वर्षों में दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। वर्तमान में भारत-फ्रांस व्यापार लगभग 16 अरब डॉलर है, जिसे बढ़ाकर 32 अरब डॉलर तक ले जाने की योजना है। इसके लिए एक उच्च स्तरीय तंत्र बनाया जाएगा, जो हर वर्ष प्रगति की समीक्षा करेगा और नए अवसरों की पहचान करेगा।

आर्थिक सुरक्षा और सप्लाई चेन सहयोग

बैठक में “इकोनॉमिक सिक्योरिटी डायलॉग” शुरू करने पर भी सहमति बनी। इसका उद्देश्य क्रिटिकल मिनरल्स, सेमीकंडक्टर, ऊर्जा और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सप्लाई चेन को मजबूत करना है। दोनों देश अब वैश्विक संकटों के दौरान एक-दूसरे पर निर्भरता कम करते हुए स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में काम करेंगे।

AI और इनोवेशन पर फोकस

भारत और फ्रांस ने “इंडिया-फ्रांस इनोवेशन रोडमैप 2030” तैयार किया है। इसके तहत दोनों देशों के प्रमुख शैक्षणिक संस्थान और शोध केंद्र मिलकर काम करेंगे। IITs और IISc जैसे भारतीय संस्थानों तथा फ्रांस के विश्वविद्यालयों के बीच 19 नए समझौते हुए हैं। साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर एक संयुक्त कार्य समूह भी बनाया गया है, जो AI गवर्नेंस और रिसर्च पर काम करेगा।

डिजिटल और स्टार्टअप क्षेत्र में सहयोग

पेरिस के प्रसिद्ध स्टार्टअप हब “स्टेशन F” में 10 नए भारतीय स्टार्टअप्स को अवसर दिया जाएगा। इससे भारतीय स्टार्टअप्स को यूरोपीय बाजार में प्रवेश करने और निवेश हासिल करने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही डिजिटल साइंसेज और हेल्थ डेटा रिसर्च में भी दोनों देश मिलकर काम करेंगे।

रक्षा और अंतरिक्ष सहयोग में बड़ी प्रगति

भारत और फ्रांस ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत किया है। इसमें 114 राफेल विमानों से जुड़ी परियोजना और जैतापुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र शामिल हैं। अंतरिक्ष क्षेत्र में ISRO और फ्रांस की एजेंसी CNES मिलकर गगनयान मिशन और माइक्रोग्रैविटी रिसर्च पर काम करेंगे।

यूपी बनेगा एविएशन हब

इस यात्रा में एक महत्वपूर्ण निर्णय यह भी रहा कि उत्तर प्रदेश के कानपुर में एयरोनॉटिक्स सेक्टर का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र विमानन और एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग में कुशल मानव संसाधन तैयार करेगा, जिससे भविष्य में रक्षा और एविएशन उद्योग को मजबूती मिलेगी।

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डिजिटल भुगतान और हाई-स्पीड रेल सहयोग

भारत की UPI प्रणाली अब फ्रांस के प्रमुख एयरपोर्ट्स पर भी उपलब्ध होगी। इसके अलावा दोनों देशों ने हाई-स्पीड रेल तकनीक के विकास पर भी सहमति जताई है, जिससे भारत में तेज रेल नेटवर्क को बढ़ावा मिलेगा।