India EU Trade Deal: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच वर्षों से चल रही बातचीत आखिरकार 27 जनवरी 2027 को अपने निर्णायक मुकाम पर पहुंच गई। दोनों पक्षों ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को अंतिम रूप दे दिया है, जिसे अब “मदर ऑफ ऑल डील्स” कहा जा रहा है। यह समझौता केवल व्यापारिक नहीं, बल्कि रणनीतिक, आर्थिक और वैश्विक सहयोग की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
India EU Trade Deal: भारत-यूरोपियन यूनियन समझौता, वैश्विक व्यापार में मोदी का नया संदेश
पीयूष गोयल का बड़ा बयान
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस समझौते पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे भारत के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह डील केवल FTA तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच एक गहरी और दीर्घकालिक साझेदारी की घोषणा है। उन्होंने 140 करोड़ भारतीयों को बधाई देते हुए कहा कि यह समझौता आने वाले वर्षों में भारत की वैश्विक भूमिका को और मजबूत करेगा।
एक-तिहाई दुनिया की आबादी को मिलेगा सीधा फायदा
पीयूष गोयल के अनुसार, भारत और EU मिलकर वैश्विक व्यापार के लगभग 25 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस समझौते से दुनिया की लगभग एक-तिहाई आबादी को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा। व्यापार के साथ-साथ रक्षा सहयोग, निवेश, विज्ञान, तकनीक और इनोवेशन के क्षेत्रों में भी दोनों पक्षों के बीच सहयोग बढ़ेगा। इसके अलावा, वित्तीय बाजारों में बेहतर समन्वय देखने को मिलेगा, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को स्थिरता मिलेगी।
श्रम-गहन सेक्टर को मिलेगी नई रफ्तार

इस FTA से भारत के श्रम-प्रधान क्षेत्रों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। टेक्सटाइल, कृषि, मैन्युफैक्चरिंग और MSME सेक्टर को यूरोपीय बाजारों तक आसान और सस्ती पहुंच मिलेगी। पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता भारत के छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए नए अवसर खोलेगा और रोजगार सृजन में अहम भूमिका निभाएगा।
16वें भारत–EU शिखर सम्मेलन में हुआ ऐलान
इस ऐतिहासिक समझौते की घोषणा 16वें भारत–EU समिट के दौरान की गई। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा मौजूद थे। खास बात यह रही कि यूरोपीय नेता भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भी शामिल हुए, जिसने इस साझेदारी को और मजबूती दी।
FTA से मिलने वाले प्रमुख लाभ
इस समझौते के तहत EU से भारत आने वाले करीब 97 प्रतिशत उत्पादों पर टैरिफ कम या समाप्त किए जाएंगे। वहीं भारत से EU को निर्यात होने वाले लगभग 99 प्रतिशत उत्पादों पर शुल्क में बड़ी राहत मिलेगी। कार, वाइन, चॉकलेट, पास्ता, दवाइयों और ऑटो पार्ट्स जैसे उत्पादों पर सीधा असर दिखेगा। इससे व्यापार बढ़ेगा, निवेश आएगा और दोनों अर्थव्यवस्थाओं को मजबूती मिलेगी।
18 साल की बातचीत के बाद ऐतिहासिक समझौता
करीब 18 वर्षों की लंबी और जटिल बातचीत के बाद यह डील पूरी हुई है, जिसे भारत की अब तक की सबसे बड़ी FTA डील माना जा रहा है। पीयूष गोयल ने इसे “विन-विन डील” बताते हुए कहा कि इससे भारत और यूरोप दोनों को समान रूप से फायदा होगा और जल्द ही इसके लागू होने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।










