Arunachal Pradesh Border : अरुणाचल सीमा पर चीन से आमना-सामना, ITBP ने बढ़ाई सैन्य तैयारी

अरुणाचल प्रदेश में चीन के साथ सीमा पर क्या चल रहा है? ITBP प्रमुख शत्रुजीत सिंह कपूर ने कई स्थानों पर चीनी सैनिकों से आमना-सामना जारी रहने की बात कही है। शौर्य कमांडो, ड्रोन प्लाटून और नए स्ट्राइक कोर्स के जरिए भारत अपनी तैयारियां मजबूत कर रहा है। कांग्रेस ने भी सरकार से सवाल पूछे हैं।

Arunachal Pradesh Border

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 23, 2026

Arunachal Pradesh Border : भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव को लेकर एक बार फिर महत्वपूर्ण बयान सामने आया है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर ने कहा है कि अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर कई स्थानों पर चीनी सैनिकों के साथ आमना-सामना जारी है। उन्होंने बताया कि सीमा पर तैनात जवानों की क्षमता बढ़ाने के लिए बल लगातार नए कदम उठा रहा है।

शौर्य कमांडो ने दिखाया दम

ITBP प्रमुख के मुताबिक, बल ने ‘शौर्य कमांडो’ नाम से एक नई लड़ाकू टीम तैयार की है। इस विशेष टीम ने अरुणाचल प्रदेश में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के साथ जारी गतिरोध के दौरान अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारत अपनी चीन सीमा पर निगरानी, सुरक्षा और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दे रहा है।

गलवान जैसी परिस्थितियों से निपटने की तैयारी

महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर ने बताया कि ITBP ने अपनी सभी सीमावर्ती इकाइयों में ड्रोन प्लाटून गठित कर दी हैं। इसके साथ ही गलवान जैसी परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए ‘स्ट्राइक’ नाम से एक नया प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। इस पहल का उद्देश्य जवानों को कठिन परिस्थितियों में बेहतर रणनीतिक प्रतिक्रिया देने के लिए प्रशिक्षित करना है।

सीमा पर भूमिगत बुनियादी ढांचे पर जोर

कपूर के अनुसार, आधुनिक युद्ध की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अग्रिम मोर्चों पर भूमिगत बुनियादी ढांचे का बड़े पैमाने पर विकास किया जा रहा है। इसके साथ ही विशेष प्रशिक्षण और नई तकनीक के इस्तेमाल को भी प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 के अंत तक पूरे बल को नए प्रशिक्षण कार्यक्रम से गुजारने का लक्ष्य रखा गया है।

चीन को बताया सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी

ITBP के महानिदेशक ने चीन से लगी सीमा को भारत की सबसे कठिन सीमाओं में से एक बताया। उन्होंने चीन को शक्तिशाली पड़ोसी और भारत का सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी करार देते हुए कहा कि ऐसी चुनौती से निपटने के लिए सुरक्षा बलों की क्षमताओं को लगातार बढ़ाना जरूरी है। उनके मुताबिक, नया ‘स्ट्राइक’ पाठ्यक्रम जवानों की तैयारी और संचालन क्षमता को और मजबूत करेगा।

जयराम रमेश ने सरकार से पूछे सवाल

ITBP प्रमुख के बयान से जुड़ा वीडियो कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच X पर साझा किया। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ ITBP प्रमुख अरुणाचल प्रदेश में चीनी सैनिकों के साथ आमना-सामना होने की बात कह रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री और उनके कार्यालय की ओर से इस मुद्दे पर चुप्पी है। रमेश ने चीन के प्रति सरकार की नीति पर सवाल उठाए। हालांकि, यह कांग्रेस नेता की राजनीतिक प्रतिक्रिया है।

चीन सीमा पर ITBP की अहम भूमिका

भारत-तिब्बत सीमा पुलिस का गठन वर्ष 1962 में हुआ था। यह बल चीन से लगी लगभग 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा की निगरानी करता है। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों और अत्यधिक ऊंचाई वाले इलाकों में तैनात ITBP सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह बयान?

ITBP प्रमुख का बयान सीमा पर जारी चुनौतियों और भारत की सैन्य तैयारियों को लेकर अहम है। ड्रोन प्लाटून, शौर्य कमांडो, विशेष प्रशिक्षण और भूमिगत ढांचे पर जोर यह दिखाता है कि भारत सीमा सुरक्षा को आधुनिक बनाने में जुटा है। फिलहाल, चीन की ओर से इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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